8 वर्षीय नन्हे भारतवंशी योग चैंपियन को मिला ब्रिटेन में सम्मान

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ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक बच्चे को योग में उसकी असाधारण निपुणता के लिए ‘ब्रिटिश इंडियन ऑफ द इयर’ नामित किया गया है। आठ वर्षीय ईश्वर शर्मा को व्यक्तिगत और कलात्मक योग में कई सम्मान हासिल हो चुके हैं। वह ब्रिटेन की 11 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की राष्ट्रीय योग चैंपियनशिप का विजेता है। उसने इस साल जून में कनाडा के विन्नीपेग में आयोजित वर्ल्ड स्टूडेंट गेम्स 2018 में ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। केंट के सेंट माइकल्स प्रीप्रेटरी स्कूल में पढ़ने वाले ईश्वर ने कहा, मेरा मानना है कि मैं किसी और के बजाय खुद से मुकाबला कर रहा हूं। यह हर मुश्किल को आसान करने के लिए मुझे चुनौती देता है। उसने कहा, मैं हमेशा योग का छात्र रहूंगा। मैं अपने शिक्षकों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने अपना ज्ञान मुझसे साझा किया। इस हफ्ते की शुरुआत में बर्मिंघम में आयोजित छठे वार्षिक सम्मान समारोह में ईश्वर को युवा विजेता श्रेणी में ‘ब्रिटिश इंडियन ऑफ द इयर’ नामित किया गया था। ईश्वर के पिता विश्वनाथ ने कहा, उसकी उपलब्धियों पर हमें गर्व है। उसने अपना अकादमिक प्रदर्शन उन्नत किया है। हम चाहते हैं कि वह अपनी जीवनशैली और आदतों से बड़ों और बच्चों को प्रेरित करे। विश्वनाथ खुद नियमित रूप से योग करते हैं। उन्होंने कहा, ईश्वर और मैं नृत्य और संगीत के साथ वैदिक योग करते हैं, जिसमें एक्रोयोग और कलात्मक योग के साथ हठ योग मुद्राएं शामिल हैं। ईश्वर का परिवार मूल रूप से मैसूर का रहने वाला है और हर साल वहां जाता है। मैसूर में योग की उल्लेखनीय परंपरा रही है। ईश्वर के पिता, विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि, ईश्वर योग और उसके फायदों के बारे में खासकर बच्चों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ईश्वर शर्मा: उपलब्धियां और योजनाएं
100 से ज्यादा आयोजनों में योग का प्रदर्शन कर चुका है
50 श्लोक कंठस्थ हैं उसे वेदों और गीता के
तुर्की में मई में हुए यूरो एशियन योग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता
दूसरों की मदद के लिए कोष जुटाने को कई बार योग प्रर्दशन किया
दिसंबर में चिली में और अगले वर्ष जनवरी में बीजिंग में प्रतियोगिताओं में भाग लेगा
अगले साल कनाडा में होने वाले वर्ल्ड गेम्स में भाग लेने के लिए प्रशिक्षण ले रहा है

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