युगांडाः पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहे भारतवंशी- मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारतवंशी पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं। उन्होंने भारत और रवांडा की मित्रता पर भारतवंशियों द्वारा डाले गए सकारात्मक प्रभावों की प्रशंसा भी की। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे ने सोमवार को उन्हें पूर्व अफ्रीकी देश में भारतीय समुदाय के कार्यों के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि रवांडा में भारतीय समुदाय के साथ खुशगवार बातचीत हुई। भारतवंशी पूरी दुनिया में अपने आप को विशिष्ट साबित कर रहे हैं और अपनी उपलब्धियों से हमें गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि रवांडा में भारतीय समुदाय से बातचीत करके मुझे खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति कागमे ने बताया कि भारतीय समुदाय रवांडा के विकास में योगदान कर रहा है और वह बड़े पैमाने पर समाज सेवा करते हैं। मुझे यह सुनकर बहुत खुशी हुई। मोदी ने कहा कि वे हमारे राष्ट्रदूत हैं। प्रधानमंत्री ने अपने दो दिवसीय रवांडा दौरे की शुरुआत सोमवार को की थी। मोदी रवांडा जाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। दो दिन के रवांडा के दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी युगांडा पहुंचे। प्रधानमंत्री के विमान के एंतेबे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उनकी युगांडा की दो दिन की यात्रा का आगाज हो गया। वर्ष 1997 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह इस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। हवाई अड्डे पर मोदी का भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी अफ्रीकी देशों रवांडा, युगांडा और दक्षिण अफ्रीका के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। युगांडा की राजधानी कंपाला में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, भारत और युगांडा का सदियों पुराना रिश्ता है, हमारे बीच श्रम का रिश्ता है, शोषण के खिलाफ संघर्ष का रिश्ता है। उन्होंने कहा, युगांडा सहित तमाम अफ्रीकी देश भारत के लिए बहुत अहम हैं। इसकी एक बड़ी वजह यहां बड़ी तादाद में भारतीयों की मौजूदगी है। दूसरी बड़ी वजह यह है कि हमने गुलामी के खिलाफ साझा संघर्ष किया है। फिर हम सभी के सामने विकास की समान चुनौतियां हैं। उन्होंने मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए लोगों को कहा कि मुमकिन है कि बहुत जल्द यहां युगांडा में आपको मेड इन इंडिया के लेबल वाला स्मार्टफोन नजर आए। मोदी ने कहा कि वह दूसरी बार युगांडा आए हैं। इससे पहले वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में यहां आए थे। प्रधानमंत्री मोदी युगांडा की संसद को भी संबोधित करेंगे। वह ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। युगांडा में उनका राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी से मुलाकात करने, खास मुद्दों पर और शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करने और भारत-युगांडा संयुक्त व्यापार कार्यक्रम में शिरकत करने का कार्यक्रम है। मोदी यहां एक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री युगांडा से दक्षिण अफ्रीका रवाना होंगे जहां वह बुधवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस साल ब्रिक्स की थीम ब्रिक्स इन अफ्रीका है। प्रधानमंत्री मोदी ने अफ्रीकी देश रवांडा को 20 करोड़ डॉलर (1377 करोड़ रुपए) का कर्ज देने को मंजूरी दी है। रवांडा को औद्योगिक पार्क और किगाली सेज विकसित करने के लिए 10 करोड़ डॉलर तथा कृषि क्षेत्र के लिए 10 करोड़ डॉलर (कुल 20 करोड़ डॉलर) की ऋण सुविधा स्वीकृत की गई है। मोदी ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि भारत रवांडा की आर्थिक प्रगति में उसके साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों मिलकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। यहां ग्रामीण विकास और छोटे उद्योगों में बहुत अवसर मौजूद हैं। गौरतलब है कि रवांडा अफ्रीका महाद्वीप में सबसे तेजी से विकसित हो रहा देश है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त बयान में रवांडा की राजधानी किगाली में भारतीय दूतावास खोलने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा इससे दोनों देशों की संबंधित सरकारों के बीच न सिर्फ संवाद स्थापित होगा, बल्कि वाणिज्य संबंधी, पासपोर्ट, वीजा के लिए सुविधाएं भी सुनिश्चित होंगी। मोदी ने कहा कि वर्षों से भारतीय समुदाय रवांडा में उच्च आयोग की स्थापना चाहता था। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत-रवांडा के संबंध हर धूप-छांव झेल चुका है।
इससे पहले पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे से 30 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान दोनो नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर भी चर्चा की। साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा, पशु संसाधन, डेयरी, उद्योग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, लेदर और कृषि जैसे आठ क्षेत्रों में सहयोग करने को लेकर समझौते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवांडा में ग्रामीणों को 200 गायें दान में दीं। उन्होंने गरीबी घटाने और बाल कुपोषण से निपटने के लिए देश के राष्ट्रपति पॉल कागमे के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम गिरिनका की सराहना भी की। कागमे ने वर्ष 2006 में गिरिनका कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य हर गरीब परिवार को पोषण और वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराने के लिए उसे एक गाय देना है। मोदी यहां की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर आए हैं। उन्होंने रवेरू मॉडल गांव में एक कार्यक्रम में गरीब परिवारों को ये गायें दान में दी। उन्होंने कहा कि दूर दराज स्थित रवांडा के गांवों में आर्थिक सशक्तिकरण के साधन के तौर पर गायों को इतना महत्व देता देख कर भारत में भी लोगों को अच्छा लगेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि रवांडा के आर्थिक विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी परियोजना का हिस्सा बना! मोदी ने कहा कि रवांडा की सरकार गिरिनका कार्यक्रम की तर्ज पर मधुमक्खी पालन पर भी काम कर सकती है। उन्होंने कहा कि दूध के साथ – साथ मधु का भी उत्पादन किया जा सकता है और दोनों कारोबार एक साथ चलाए जा सकते हैं। ये अतिरिक्त लाभ प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इसके लिए रवांडा की सरकार को हर प्रकार की मदद मुहैया करने को तैयार है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि गिरिनका शब्द का अर्थ है -क्या आपके पास एक गाय है। यह रवांडा में सदियों पुरानी एक सांस्कृतिक परंपरा को बयां करता है, जिसके तहत कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को एक गाय देता है। यह सम्मान और आभार के प्रतीक के तौर पर दिया जाता है। गिरिनका कार्यक्रम शुरू होने के बाद से हजारों लोगों को इसके तहत गायें प्राप्त हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी 1994 नरसंहार में मारे गए 2,50,000 लोगों की याद में बने रवांडा के नरसंहार स्मारक केंद्र पहुंचे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट में कहा कि मार्मिकता के साथ दिन की शुरुआत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किगाली में नरसंहार स्मारक केंद्र का दौरा किया। स्मारक हिंसा के क्रूरतम कृत्य के पीड़ितों के सम्मान में बनाया गया है। रवांडा नरसंहार तुत्सी और हुतु समुदाय के लोगों के बीच हुआ एक जातीय संघर्ष था। इसमें तुत्सी विरोधी नरसंहार के 2,50,000 पीड़ितों की कब्रें

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