ENGvsIND: इंग्लैंड और भारत के इन 5 खिलाड़ियों के बीच होगी धमाकेदार जंग

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क्रिकेट प्रेमियों को इंग्लैंड और भारत के बीच 1 अगस्त से बर्मिंघम में शुरू हो रही टेस्ट सीरीज का बेसब्री से इंतजार है। सबको उम्मीद है कि टेस्ट क्रिकेट शीर्ष दो टीमों के बीच मैदान पर गेंद और बल्ले से रोमांचक जंग देखने को मिलेगी। विराट कोहली का टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड बहुत ही अच्छा रहा है। भारत विराट कोहली की कप्तानी में अभी तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं हारा है, जबकि विदेशी सरजमीं पर दक्षिण अफ्रीका में इस साल जनवरी में हुई टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, टीम इंडिया ने विराट कोहली की कप्तानी में विदेशी सरजमीं पर अपनी पहली टेस्ट सीरीज में ठीक-ठाक प्रदर्शन किया।
अब यह देखना होगा कि इंग्लैंड के खिलाफ विराट की सेना दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की गई अपनी गलतियों से सबक लेते क्या कमाल दिखाती है। हालांकि, साल 2014 के इंग्लैंड दौरे पर भारत को 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था। उस सीरीज में गेंदबाजों ने तो ठीक- ठाक प्रदर्शन किया था, लेकिन बल्लेबाजों में राहुल द्रविड़, मुरली विजय और अजिंक्य रहाणे को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाया था। विराट कोहली को तो काफी निराशा हाथ लगी थी और वह इस दौरे पर बल्ले से बुरी तरह असफल रहे थे। विराट कोहली ने पांच टेस्ट मैचों की 10 पारियों में 13.50 की औसत से 134 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 1, 8, 25, 0, 39, 28, 0,7, 6 और 20 का स्कोर बनाया था।
पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान इंग्लैंड और भारत की टीमों में किन-किन खिलाड़ियों के बीच प्रतिद्वंदिता देखने को मिल सकती है। हम आपको बता रहे हैं…
विराट कोहली जिस कद के बल्लेबाज हैं, उनके लिए कोई मायने नहीं रखता कि चार पहले उनका प्रदर्शन कैसा रहा था। इस बार कोहली के पास पिछली सीरीज की असफलता को मात देने का शानदार मौका है। क्योंकि उन्होंने 2014 में इंग्लैंड दौरे पर मिली असफलता को ​पीछे छोड़ते हुए विराट ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका की तेज पिचों पर खूब रन बनाए। हालांकि, विराट को अगर एक बल्लेबाज के तौर पर खुद को सौ प्रतिशत परखना है तो उन्हें इंग्लैंड में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। साल 2014 के बाद से कोहली ने अपनी तकनीक में काफी सुधार किया है। वैसे इस दौरे पर विराट कोहली को सबसे ज्यादा जेम्स एंडरसन ने परेशान किया था। उन्होंने इस सीरीज में चार बार विराट को आउट किया था। इसमें कोई शक नहीं है कि विराट कोहली इस बार भी जेम्स एंडरसन के निशाने पर रहेंगे। वहीं विराट कोहली इंग्लैंड में रन बनाने के लिए बेताब होंगे। ऐसे में इन दोनों के बीच गेंद और बल्ले की जंग देखने लायक होगी। अब सीरीज शुरू होने पर ही पता चलेगा कि दोनों में से कौन किस पर भारी पड़ता है। रविचंद्रन अश्विन विश्व के सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनर्स में से एक हैं। वह विश्व के किसी भी बल्लेबाज को परेशान करने की क्षमता रखते हैं। वहीं इंग्लैंड की टीम में उनके कप्तान जो रूट स्पिन के खिलाफ सबसे अच्छे बल्लेबाज हैं। जो रूट आधुनिक क्रिकेट में विश्व के शीर्ष-4 क्रिकेटरों में शुमार हैं। ऐसे में टीम इंडिया की यह पूरी कोशिश होगी की जो रूट को जल्द से जल्द पवेलियन भेजें और इंग्लैंड को बैकफुट पर ढकेल सकें। रूट स्पिनर्स का डटकर मुकाबला जरूर करते हैं, लेकिन अश्विन को चुनौतियां पसंद हैं। रूट ने हाल ही में संपन्न वनडे सीरीज में लगातार दो शतक जड़कर अपना फॉर्म दिखा दिया है। ऐसे में आर अश्विन की कोशिश रहेगी कि वह अपनी फिरकी की जाल में इस इंग्लिश बल्लेबाज को उलझाएं और टीम इंडिया को सफलता दिलाएं। अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर के शुरुआती 18 में से 17 टेस्ट मैच विदेशी जमीन पर खेले हैं। मुंबई के इस बल्लेबाज का विदेश में रिकॉर्ड गजब का रहा है। उन्होंने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका में खूब रन बनाए हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका में एक बार 90 से अधिक रन की पारी खेली है। हालांकि, इस दौरान अजिंक्य रहाणे घरेलू पिचों पर संघर्ष करते नजर आए हैं। भारत में उनकी औसत 32.87 की रही है, जबकि विदेश में 52.05 की रही है। भारत की पिचों पर विदेश के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के लिए अजिंक्य रहाणे की स्पिन खेलने की क्षमता पर सवाल खड़े हुए हैं।
वैसे रहाणे ने स्पिनर्स के लिए मददगार पिचों पर कई बार बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फिरोज शाह कोटला की पिच पर दोनों पारियों में शतक शामिल है। इसके अलावा कोलंबो में दो शतक और न्यूजीलैंड के खिलाफ 188 रन की पारी भी शामिल है। हालांकि इंग्लैंड रहाणे की एक इसी कमजोरी पर ज्यादा चोट करना चाहेगा। इसके लिए मोइन अली इंग्लैंड के प्रयोग हथियार होंगे। भाारत के खिलाफ अली का टेस्ट में प्रदर्शन अच्छा रहा है। साल 2014 में मोइन ने रहाणे को दो बार आउट किया था। इस सीरीज में मोइन अली अपने पिछले प्रदर्शन के आधार पर अजिंक्य रहाणे को दबाव में लेने की कोशिश करेंगे। इंग्लैंड के इस दौरे पर टीम इंडिया के दो प्रमुख तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह चोटिल हैं। ऐसे में टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी ईशांत शर्मा, उमेश यादव और मोहम्मद शमी की तिकड़ी पर निर्भर करेगी। ईशांत शर्मा 2014 में भी इंग्लैंड के दौरे पर आ चुके हैं। तब उन्होंने टेस्ट सीरीज के पहले दो मैच ही खेले थे और उसके बाद चोटिल हो गए थे। हालांकि, उन्होंने दो मैचों में 10 विकेट अपने नाम किए थे। जिसमें लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 7 विकेट झटक कर टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एलिस्टर कुक इंग्लैंड के लिए ओपनिंग करेंगे। वह अब उतने प्रभावी बल्लेबाज नहीं रहे, जैसे कुछ साल पहले हुआ करते थे। पिछले 16 टेस्ट मैचों में कुक ने दो शतक जमाए हैं। हालांकि, दोनों ही दोहरे शतक थे। हालांकि भारत के खिलाफ कुक बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं। ऐसे में ईशांत शर्मा भारत की गेंदबाजी की अगुवाई करेंगे और उनके कंधों पर जिम्मेदारी होगी कि वह एलिस्टर कुक को जल्दी पवेलियन भेजें और टीम इंडिया को उनके प्रकोप से बचाएं। क्योंकि यह बल्लेबाज एक बार अगर 40 रन के पार पहुंच गया तो फिर बड़ी पारी खेलकर ही दम लेता है। स्टुअर्ट ब्रॉड वर्तमान में टेस्ट क्रिकेट के सबसे घातक गेंदबाजों में से एक हैं। साल 2015 की एशेज सीरीज में उनका 15/8 का स्पेल कौन भूल सकता है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 17/6 का स्पेल भी टेस्ट क्रिकेट इतिहास के शानदार तेज गेंदबाजी वाले स्पेल में से एक है। ब्रॉड का डटकर मुकाबला करने की बड़ी जिम्मेदारी मध्यक्रम में चेतेश्वर पुजारा पर रहेगी। चेतेश्वर पुजारा भारत के बाहर रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे हैं। पुजारा अपने डिफेंस से गेंदबाजों को निराश करते हैं। वहीं केएल राहुल ने एक ओपनर के तौर पर भारत में तो कमाल का प्रदर्शन किया है। लेकिन विदेशी सरजमीं पर उनकी बल्लेबाजी की परीक्षा होना बाकी है। केएल राहुल तकनीक के लिहाज से एक पूर्ण बल्लेबाज हैं। हालांकि उन्हें इंग्लैंड की तेज विकेट्स पर खेलने का कोई खास अनुभव नहीं रहा है। ऐसे में स्टुअर्ट ब्रॉड के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी की भी परीक्षा होगी।

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