मराठा आरक्षण:मराठा संगठनों का 9 अगस्त को मुंबई में विशाल रैली का ऐलान

0
37

नौकरियों और शिक्षा में अपने समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे मराठा संगठनों ने सोमवार को कहा कि नौ अगस्त को अपनी मांग के समर्थन में वे मुंबई में एक विशाल रैली करेंगे। इस बीच, मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बंद के दौरान सोलापुर में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। मोर्चा के नेता विनोद पोखरकर ने कहा, ‘हम नौ अगस्त को अगस्त क्रांति के दिन मुंबई में विशाल रैली करेंगे। हम सरकार को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं।’
मराठा समुदाय को आरक्षण दें : शिवसेना
शिवसेना ने कहा कि सरकार को राज्य पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं करते हुए मराठा समुदाय को आरक्षण दे देना चाहिए। पार्टी के विधायकों के साथ एक बैठक के बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘एससी, एसटी और ओबीसी के लिए मौजूदा आरक्षण को छुए बगैर शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को अतिरिक्त आरक्षण दिया जाना चाहिए।’
क्या हैं मांगें-
मराठा समुदाय की मांग लंबे समय से है और इस बार राज्य में सरकारी पदों के लिए निकाली गई 72 हजार भर्तियों ने हवा दी। मराठा समुदाय सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहा है। इन भर्तियों के निकलने के बाद समुदाय ने मांग की कि सरकार आरक्षण की ऐसी व्यवस्था करे, जिसे अदालत खारिज न कर पाए। साथ ही तब तक इन भर्तियों पर रोक लगा दी जाए। बार-बार मराठा समुदाय के विरोध के पीछे कुछ और कारण भी हैं।
हालांकि मराठा समुदाय का राज्य की राजनीति में अच्छा खासा दबदबा है। साथ ही ओबीसी व दलितों की तुलना में उनके पास खेती भी ज्यादा ही है। मगर नए आर्थिक ढांचे में खेती से कमाई से ज्यादा अहम शिक्षा और नौकरी मानी जा रही है। इसी वजह से उन्हें सामाजिक व आर्थिक स्तर पर पिछड़ने का डर सता रहा है। ‘इकोनॉमिक एंड पॉलटिकल वीकली’ (ईपीडब्ल्यू) में 2016 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार जमीन के मामले मराठा ओबीसी व दलितों की तुलना में कहीं आगे हैं, लेकिन उच्च शिक्षा के मामले में वे पिछड़ जाते हैं। साथ ही ऐसा नहीं है कि सभी मराठा अच्छी खेती कर रहे हैं। सूखे आदि की समस्या से उनकी कमाई भी कम हो रही है।
ये भी पढ़ें: मराठा आंदोलन हुआ हिंसक, शिवसेना ने CM से कहा विशेष सत्र बुलाएं
आंदोलन के प्रमुख चेहरे
मराठा क्रांति मोर्चा
-इस संगठन के कई संयोजकों ने मिलकर पूरे आंदोलन को हवा दी
-पहले रेप दोषियों को सजा दिलाने के लिए भी मराठा लोगों को एकजुट कर चुका है संगठन
-शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन के लिए पहचान बनाई थी इस संगठन ने
मारुति भापकर
-शिवसेना के पूर्व पार्षद को एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है
-पिंपड़ी चिंचवाड़ और पुणे में वह मराठा नेता के रूप में पहचान बना चुके हैं
-भापकर ने आरटीआई के जरिए लावासा घोटाले की पोल खोली, जिसमें शरद पवार का परिवार फंसा
-2009 में आम आदमी पार्टी की टिकट पर भी चुनाव लड़े
-अन्ना हजारे के आंदोलन से पहले दिन से ही जुड़े थे
संतोष शिंदे
-संभाजी ब्रिगेड के अध्यक्ष हैं संतोष शिंदे
-मशहूर नाटककार राम गणेश गडकरी की मूर्ति ढहाने को लेकर चर्चा में आए
-आरोप थे कि इनके नाटक में शिवाजी का अपमान किया गया था
-मराठा आंदोलन को उग्र देने के पीछे इसी संगठन का हाथ माना जा रहा
-अक्सर उग्र आंदोलनों के लिए ही संगठन की पहचान बनी
-2016 में खुद को राजनीतिक पार्टी के रूप में दर्ज कराया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here