तेंदुलकर ने बताया विराट की कौन सी खासियत उन्हें बनाती है महान

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टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को अपना गुरु मानते हैं। तेंदुलकर ने कहा है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली की अपनी कमजोरी को पहचानने की क्षमता और उनमें सुधार के लिए लगातार मेहनत इस स्टार बल्लेबाज को कुछ समय तक विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर रखेगी। टेस्ट मैचों में रिकॉर्ड सर्वाधिक 15921 रन बनाने वाले तेंदुलकर कहा कि कोहली के बारे में सबसे अच्छी चीज ये है कि वो सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। तेंदुलकर ने कोहली के बारे में कहा, ‘मैं हमेशा उसकी आंख में भूख और आग देख सकता हूं। उसके बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि जैसे ही उसे लगता है कि किसी विभाग में काम करने की जरूरत है वो तुरंत ही नेट पर जाकर उन चीजों पर काम करता है।’भारत और इंग्लैंड के बीच आज से एजबस्टन में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। तेंदुलकर ने कहा, ‘एक खिलाड़ी तभी आगे बढ़ सकता है जब वो स्वीकार करे और इसके लिए स्वीकार करना पड़ता है कि ये वे विभाग हैं जहां मैंने अच्छा नहीं किया है और मुझे इन चीजों में बदलाव करने की जरूरत है।’कोहली ने अब तक 66 टेस्ट में 53 .40 की औसत से 5554 रन बनाए है। वो चार साल पहले हालांकि इंग्लैंड दौरे पर नाकाम रहे थे और पांच टेस्ट में 13.40 की औसत से सिर्फ 134 रन बना पाए थे। तेंदुलकर ने कोहली को सलाह दी कि वो मैच से पहले तैयारी के अपने तरीके पर बरकरार रहें और फॉर्म में आ रहे उतार-चढ़ाव को लेकर परेशान नहीं हों। भारतीय कोच रवि शास्त्री ने कहा कि कोहली के जज्बे और कड़ी मेहनत का असर पूरी टीम पर है।
टीम पर कोहली के प्रभाव के बारे में पूछने पर शास्त्री ने कहा, ‘अत्याधिक। उसके काम के प्रति जिम्मेदारी की कोई बराबरी नहीं है। ड्रेसिंग रूम में वो जो जज्बा लेकर आता है, प्रतिस्पर्धी के रूप में मैच खेलना चाहता है। वो प्रतिस्पर्धा पेश करना चाहता है और ये बीमारी की तरह है- लोग उसकी राह पर चलना चाहते हैं। युवा उसकी तरह बनना चाहते हैं।’

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