SC ने दिया आम्रपाली ग्रुप की 40 कंपनियों के खाते और चल संपत्ति जब्त करने का आदेश

0
33

सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों से धोखाधड़ी करने और न्यायालय के साथ ओछा खेल खेलने के लिए आम्रपाली ग्रुप को आज फटकार लगाई और उसकी 40 फर्मों के सारे बैंक खाते और चल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने आम्रपाली समूह को निर्देश दिया कि वह 2008 से आज तक के अपने सारे बैंक खातों का विवरण पेश करे। न्यायालय ने इस ग्रपु की 40 फर्मों के सभी निदेशकों के बैंक खाते जब्त करने का भी आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव और नेशनल बिल्डिंग्स कंशट्रक्शन कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष को न्यायालय की मंजूरी के बगैर ही समूह के मामलों में कार्यवाही करने को लेकर तलब किया है। अदालत ने 17 मई को कानूनी लड़ाई में उलझे आम्रपाली समूह की अटकी हुई 12 परियोजनाओं को छह से 48 महीने के अंदर पूरा करने के लिये तीन को-डिवलपर को अपनी मंजूरी दी थी। न्यायालय ने इन परियोजनाओं को पूरा करने वाले को-डिवलपर्स को भुगतान करने के लिये आम्रपाली समूह को चार हफ्ते के अंदर 250 करोड़ एक एस्क्रो खाते में जमा करने का निर्देश दिया था। ग्रुप की छह परियोजनाओं से 27,000 से 28,000 मकान खरीदारों को लाभ मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट को आम्रपाली समूह द्वारा 2,700 करोड़ रूपए से भी अधिक की रकम को अन्यत्र ले जाने का 10 मई को पता चला था और इस संबंध में कंपनी द्वार किए गए वित्तीय कारोबारों का विवरण और इनके बैंक खातों के विवरण मांगे थे। पीठ ने मकान खरीदारों की स्थिति का जिक्र करते हुये टिप्पणी करते हुये कहा था कि उन्हें इसी तरह से अधर में नहीं छोड़ा जा सकता। न्यायालय ने 25 अप्रैल को कहा था कि वह आम्रपाली समूह की परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने की इच्छुक एक कंपनी की माली हालत और उसकी विश्वसनीयता के बारे में आश्वस्त होना चाहता है। इस कंपनी ने पहले एक हलफनामे पर न्यायालय को सूचित किया था कि वह इन परियोजनाओं को पूरा करने और 42,000 से अधिक मकान खरीददारों को समयबद्ध तरीके से फ्लैट का कब्जा देने की स्थिति में नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here