उपभोक्ता संरक्षण विधेयक बिना को लोकसभा बिना चर्चा के पारित करे: राम विलास पासवान

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नयी दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता और खाद्य आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान ने आज लोकसभा सदस्यों से आग्रह किया कि नये उपभोक्ता संरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द बिना चर्चा के पारित किया जाए. जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द से जल्द निवारण सुनिश्चित हो सकेगा. पासवान ने लोकसभा में उपभोक्ताओं के अधिकार विषय पर पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि यह बात सही है कि उपभोक्ताओं को अपने अधिकार प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

उन्होंने यह भी कहा कि नये उपभोक्ता संरक्षण विधेयक में उपभोक्ताओं को उनके अधिकार दिलाने के पर्याप्त प्रावधान हैं और यह विधेयक सदन में लंबित है. पासवान ने कहा कि पुराने विधेयक में उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं, लेकिन नये विधेयक से उपभोक्ताओं को पूरी तरह संरक्षण मिलेगा.

पासवान ने लोकसभा सदस्यों और खासतौर पर विपक्ष से बिना चर्चा के विधेयक पारित कराने का आग्रह करने के साथ ही संसदीय कार्य मंत्री से भी आग्रह किया कि मौजूदा मानसून सत्र में तीन दिन शेष बचे हैं और इसी दौरान विधेयक को लाया जाए और पारित कराया जाए. उन्होंने कहा, ‘सदन में जनवरी से यह विधेयक लंबित है. पिछले सत्र में कामकाज नहीं होने से यह सूचीबद्ध रह गया लेकिन इस पर आगे काम नहीं हो सका.

संसदीय स्थाई समिति में इस विधेयक पर सभी पक्षों ने विस्तार से चर्चा की है, इसलिए इसे बिना चर्चा के पारित कराया जाए. यह एक क्रांतिकारी और बिना विवाद वाला विधेयक है.’ उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2018 में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकार की स्थापना का प्रस्ताव है जो सामग्री बेचने के अनुचित तरीकों और भ्रामक विज्ञापनों के मामलों को देखेगा.

पासवान ने कहा कि इस प्राधिकार के पास जाकर उपभोक्ता किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. उन्होंने उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए राज्यों से भी जिला और राज्य स्तरीय उपभोक्ता अदालतों में रिक्त पद भरने का आग्रह किया.

बी महताब के एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री सी आर चौधरी ने कहा कि वह पंचायत स्तर पर उपभोक्ता फोरम शुरू करने के सुझावों पर विचार करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वह अभी इस संबंध में कोई आश्वासन नहीं दे रहे.

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