मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड : कोर्ट पेशी के दौरान ब्रजेश ठाकुर पर फेंका स्याही

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मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर समेत सभी 10 आरोपितों को विशेष पॉक्सो कोर्ट में नियमित पेशी के लिए बुधवार को लाया गया. इस दौरान महिलाओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए बालिका गृह मामले के आरोपित ब्रजेश ठाकुर तक पहुंच गयी और कालिख पोतने की कोशिश की. जब वह कालिख पोतने की कोशिश में नाकाम हुई, तो आरोपित पर स्याही फेंकी. बताया जाता है कि कालिख पोतनेवाली महिला जाप कार्यकर्ता है. वहीं, विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेशी के लिए लाये गये ब्रजेश ठाकुर ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कई खुलासे किये. ब्रजेश ठाकुर ने कहा कि मैं कांग्रेस से चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम चरण में बातें चल रही थीं. इसीलिए राजनीतिक द्वेष के कारण मुझे मोहरा बनाया गया है.

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में जेल में बंद ब्रजेश ठाकुर समेत सभी 10 आरोपितों को विशेष पॉक्सो कोर्ट में नियमित पेशी के लिए बुधवार को अदालत लाया गया. ब्रजेश की राजदार कही जानेवाली मधु से किसी तरह का रिश्ता होने से इनकार करते हुए आरोपित ने कहा कि कुछ समाचार पत्रों द्वारा मधु के साथ रिश्ता प्रचारित किया गया है. मालूम हो कि मधु अब भी फरार चल रही है. ब्रजेश ने आरोप लगाया कि मेरे समाचार पत्र के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, यही कारण है कि यह सब हो रहा है. साथ ही ब्रजेश ठाकुर ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि मैं कांग्रेस में शामिल होने की सोच रहा था और यह सब अंतिम चरण में चल रहा था कि मैं मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ता. साथ ही उसने कहा कि पीड़ित लड़कियों में से किसी ने मेरा नाम नहीं लिया है. आप स्वयं इसका परीक्षण कर सकते हैं.

क्या है मामला

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में लड़कियों के साथ दुष्कर्म किये जाने की बात सामने आयी थी. मामले के सामने आने के बाद शेल्टर होम से बच्चियों को दूसरे जगह शिफ्ट कर दिया गया. लड़कियों का मेडिकल टेस्ट कराये जाने के बाद 42 में से 34 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी. मामले को लेकर विपक्ष सरकार से समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा से इस्तीफे की मांग कर रहा है. वहीं, ब्रजेश ने मधु से संबंध को सिरे से खारिज कर दिया है. ब्रजेश ठाकुर ने कहा कि कुछ सामाचार पत्रों द्वारा मधु के साथ मेरे रिशते को प्रचारित किया जा रहा है. विदित होकी मधु अभी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं ब्रजेश ने आरोप लगाया कि मेरे सामाचार पत्र के कारण कुछ सामाचार पत्रों का करोबार प्रभावित हो रहा था. इसलिए मुझे मोहरा बनाया गया.

गौरतलब हो कि राज्य सरकार की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में सीबीआई ने ‘बालिका गृह’ के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपित किया है. मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ‘कोशिश’ टीम ने करीब 100 पेज की सोशल ऑडिट रिपोर्ट को अप्रैल में ही बिहार सरकार, पटना और जिला प्रशासन को भेजा. इसके बाद मामले में ब्रजेश ठाकुर, बालिका गृह की अधीक्षिका इंदू कुमारी समेत 11 लोगों को जेल भेजा जा चुका है.एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिये गये हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है.

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