विपक्ष की एकता में सबसे बड़ा रोड़ा राहुल गांधी

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राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के तीन सांसद हैं। ऐसे में इस बहाने आप की रणनीति कांग्रेस पर दबाव बनाने की थी, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार रात तक अरविंद केजरीवाल से कोई बात नहीं की। उसी के बाद रात को संजय सिंह ने ट्वीट कर यह साफ कर दिया कि आप के तीनों राज्सभा सांसद वोटिंग का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि जब नीतीश कुमार एनडीए के प्रत्याशी को वोट दिलवाने के लिए अरविंद केजरीवाल से बात कर सकते हैं, तो फिर राहुल गांधी को वोट के लिए केजरीवाल से बात करने में क्या दिक्कत थी। गुरुवार को संजय सिंह ने यह तक कह डाला कि विपक्षी एकता की राह में राहुल गांधी सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी का अध्यक्ष अपने प्रत्याक्षी के लिए वोट नहीं मांग सकता, वो चुनाव कैसे जीतेगा। आप ने कांग्रेस पर दिल्ली में बीजेपी को मजबूत करने में मदद करने और आप को हल्के में लेने का आरोप भी लगाया।

इसके बाद कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी पर जवाबी हमला बोल दिया। सबसे दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी की प्रवक्ता और दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने केजरीवाल पर सवाल उठाते हुए ट्वीट कर कहा कि राहुल गांधी एक ऐसे शख्स से समर्थन क्यों मांगेंगे, जो खुलेआम यह कह चुके हैं कि अगर नरेंद्र मोदी उनकी मांगें मान लेते हैं, तो वह 2019 के चुनावों में उन्हें सपोर्ट करेंगे और उनके कैंपेन भी करेंगे। राजनीति विचारधाराओं की लड़ाई है, लेन-देन में लगे अवसरवादियों का अखाड़ा नहीं।

इसके जवाब में दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि अगर ऐसा है, तो फिर कांग्रेस के तीन सीनियर नेताओं ने बुधवार को गुपचुप तरीके से आप नेताओं से बात की? अगर आप उनके नाम जानना चाहती हैं, तो हमें तुरंत उनके नाम सार्वजनिक करने में भी कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पिछले साढ़े तीन सालों के दौरान दिल्ली में लोकतंत्र को रौंदने में बीजेपी शासित केंद्र सरकार के हर कदम का समर्थन किया। उनकी दिल्ली यूनिट असल में बीजेपी के लिए काम करती है और वो राज्यसभा के लिए सपोर्ट चाहती है। ये कैसा पाखंड है? इसके जवाब में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष अजय माकन भी मैदान में उतर आए। माकन ने कहा कि राजनीतिक फायदा उठाने के लिए आप पार्टी हमेशा दोहरा मापदंड अपनाती है। अगर कांग्रेस 2013 में आम आदमी पार्टी को समर्थन नहीं करती, तो दिल्ली में बीजेपी सरकार बना लेती और आप इतिहास बनकर रह जाती। राजनीति इगो से नहीं चलती है। केजरीवाल इसलिए उदास हो रहे है क्योंकि राहुल गांधी ने उन्हें फोन नहीं किया।

जानकारों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी जानती थी कि आप के तीन सांसदों के वोट से उसके उम्मीदवार को जीत नहीं मिलने वाली, बल्कि केजरीवाल से राहुल गांधी का समर्थन मांगना कांग्रेस के कद को कम करेगा, इसलिए कांग्रेस ने आप से राज्यसभा के उपसभापति चुनाव में समर्थन देने के लिए कोई बात ही नहीं की और यही बात आम आदमी पार्टी को खटक रही है। वहीं माकन ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी को यह याद दिलाना चाहते हैं कि मुख्य न्यायाधीश के महाभियोग के मुद्दे पर राज्यसभा में उसने बीजेपी का साथ दिया था। वहीं 2014 के लोकसभा चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारकर बीजेपी को जिताया था। माकन ने बिहार और उड़ीसा के मुख्य मंत्रियों की ओर इशारा करते हुऐ कहा हम एक और नीतीश और पटनायक नहीं बनाना चाहते, जिन्होंने कांग्रेस को धोखा देकर बीजेपी से हाथ मिला लिया।

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