बोले नीतीश- राज्य में बदले जायेंगे बिजली के सभी जर्जर तार, मार्च 2019 तक कृषि के लिए देंगे अलग फीडर से बिजली

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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रदेश में मार्च 2019 तक कृषि के लिए 1312 अलग फीडर का निर्माण हो जायेगा और इससे बिजली मिलने लगेगी. इस साल अक्तूबर तक सभी घरों में बिजली पहुंच जायेगी. साथ ही राज्य में बिजली के सभी जर्जर तार बदले जायेंगे. सीएम शुक्रवार को ऊर्जा विभाग की 7522.38 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करने के बाद बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने 109 बिजली सब स्टेशन, महिला कॉमन रूम और कॉन्फ्रेंस रूम का भी उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि कार्य के लिए 96 पैसे प्रति यूनिट की जगह 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है. सिंचाई के लिए गांव में लगे सरकारी ट्यूबवेल को बिजली कॉमर्शियल दर पर मिलती थी. अब वहां भी 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से ही बिजली मिलेगी. इसके साथ ही ट्यूबवेल चलाने और उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी गांव के लोगों को दी जायेगी. साथ ही डीजल सब्सिडी जारी रहेगी. सीएम ने कहा कि बिजली के तार गिरने से किसी की मौत होती है तो
मार्च 2019 तक…

बहुत दुख होता है. इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी जर्जर तार बदलने का फैसला किया. उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि योजना मद से 250 करोड़ रुपये जारी करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ. अब इसके लिए 3000 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई है. अप्रैल में कांट्रैक्ट भी हो गया है. इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है. मुख्यमंत्री ने यह काम दो साल में पूरा करने का निर्देश दिया.

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने भी इस मौके पर 13 साल पहले के बिहार की काफी खराब स्थिति को याद किया. उन्होंने कहा कि तब बाहर के कॉन्फ्रेंस में बिहार का मजाक उड़ाया जाता था. अब बिहार बिजली के क्षेत्र में उदाहरण बन गया है. मंत्री ने कहा कि हम बिहारी अपनी अच्छाई को ज्यादा प्रदर्शित नहीं करते हैं. लगता है सारी बुराई के जड़ हम ही हैं. लोग कहते हैं कि बिहार में कास्ट पॉलिटिक्स ज्यादा है, लेकिन गांधी को महात्मा और कर्पुरी ठाकुर को सीएम बिहार ने ही बनाया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि 17 जिले में हर घर बिजली का काम तीन महीने में पूरा कर लिया गया. अगले महीने छह अन्य जिलों में भी काम पूरा कर लिया जायेगा.
7522.38 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन

पर्यावरण संरक्षण के लिए लखीसराय जिले के कजरा और भागलपुर जिले के पीरपैंती में सोलर ऊर्जा पार्क का निर्माण होगा. सीएम ने कहा कि आज लोग बिजली से सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं. साथ ही कांटी, नवीनगर और बरौनी थर्मल पावर एनटीपीसी को सुपुर्द कर दिया गया है.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 18 लाख घरों में अगले डेढ़ साल में प्रीपेड मीटर लगा दिया जायेगा. 15 सितंबर से पहले पटना के 5,10,000 घरों में प्रीपेड मीटर लगेगा. इसके बाद मोबाइल से रिचार्ज कर बिजली का उपयोग किया जा सकेगा. उसका बैलेंस खत्म होने पर बिजली कट जायेगी. ऊर्जा विभाग में कर्मचारियों के फिट रहने के लिए जिम की भी व्यवस्था होनी चाहिए. बिहार में बिजली अाविष्कार के 140 साल बाद पहुंची. अब बिजली विभाग कॉरपोरेट ऑफिस के रूप में दिखायी दे रहा है. उन्होंने कहा कि अब खेती भी बिजली से शुरू हो गयी है. पहले टाल से लोग बिजली देखने शहर में आते थे.

बिजली आपूर्ति को लेकर सीएम ने कहा कि नवंबर 2005 में 700 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होती थी, वहीं इस साल जुलाई में 5008 मेगावाट आपूर्ति की गयी. 2017-18 में बिजली बिल के भुगतान से 8000 करोड़ की आमदनी हुई है.

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