साल 2000 के बाद इस मॉनसून सत्र में हुआ सबसे ज्यादा काम

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तेलुगु देशम पार्टी द्वारा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से शुरू हुआ मॉनसून सत्र लोकसभा में हुए काम के नजरिए से बहुत अच्छा रहा। साल 2000 के बाद इस बार मॉनसून सत्र में सबसे ज्यादा काम हुआ। शुक्रवार को खत्म हुए सत्र में घर खरीदने वाले लोगों को सशक्त करने वाला संशोधन विधेयक भी पारित किया गया। यह संशोधन 6 जून को लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा।

आंकड़ों के मुताबिक सत्र में 20 बिल पेश किए गए जिसमें से 18 पास हो गए। लोकसभा में निर्धारित किए गए समय से 10 फीसदी ज्यादा काम हुआ और राज्यसभा में 66 फीसदी काम हुआ। लोकसभा में 50 प्रतिशत तो राज्यसभा में 48 प्रतिशत समय कानून निर्माण के काम को दिया गया। यह वर्तमान सरकार में दिया गया सबसे ज्यादा समय है। पिछड़ों के लिए राष्ट्रीय आयोग के गठन को संवैधानिक बनाना और एससी/एसटी ऐक्ट के तहत तुरंत गिरफ्तारी को कानून बनाना सत्ताधारी पार्टी के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

इस सत्र में लगभग 26 फीसदी बिल संसदीय समितियों को भेजे गए। 15वीं लोकसभा में यह आंकड़ा 71 फीसदी था। 8 घंटे के व्यवधान की भरपाई के लिए लोकसभा में 20 घंटे ज्यादा कार्यवाही चली। इस सरकार में यह सत्र प्रश्न काल के लिहाज से भी काफी अच्छा रहा। प्रश्नकाल के समय में लोकसभा में 84 फीसदी तो राज्यसभा में 68 फीसदी काम हुआ। इसमें 999 निजी बिल पेश किए गए।

16वीं लोकसभा में अब तक सबसे ज्यादा बिल कानून एवं न्याय मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से पेश किए गए हैं। 15वीं लोकसभा में वित्त मंत्रालय ने सबसे ज्यादा बिल पेश किए थे। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, ‘मैंने कई बार सदन को चलाने पर जोर दिया क्योंकि यह विश्वसनीयता बनाने के लिए जरूरी है। यह सत्र पिछले सत्रों के मुकाबले ज्यादा अच्छा रहा।’ राज्यसभा के चेयरमैन और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि बजट सेशन के मुकाबले इस सत्र में 3 गुना ज्यादा काम हुआ।

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