बिहार से अब तीन राज्यपाल, टंडन बिहार के नये गवर्नर मलिक गये जम्मू-कश्मीर, एसएन आर्य बने हरियाणा के राज्यपाल

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सात राज्यों में नये राज्यपालों की नियुक्ति हुई है. बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को जम्मू-कश्मीर का नया राज्यपाल बनाया गया है. वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता व लखनऊ से सांसद रह चुके लालजी टंडन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है.83 वर्षीय टंडन पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के विश्वासपात्र रहे हैं. बिहार के पूर्व मंत्री और प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यदेव नारायण आर्य को हरियाणा का राज्यपाल बनाया गया है.

मलिक 10 सालों तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे एनएन वोहरा का स्थान लेंगे. राज्य में जून में महबूबा सरकार के गिरने के बाद से वहां राज्‍यपाल शासन है.

मंगलवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक आगरा से भाजपा नेता व उत्तर प्रदेश किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य बेबी रानी मौर्य उत्तराखंड की राज्यपाल नियुक्त की गयी हैं, जहां केके पॉल का कार्यकाल पूरा हो गया है. हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को त्रिपुरा भेज दिया गया है. वह तथागत राय की जगह लेंगे. राय अब मेघालय के राज्यपाल होंगे. मेघालय के राज्यपाल और बिहार निवासी गंगा प्रसाद को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.
बिहार से अब तीन राज्यपाल

सत्यदेव नारायण आर्य को राज्यपाल बनने के बाद अब बिहार के तीन लोग राज्यपाल हो गये हैं. मृदुला सिन्हा गोवा की राज्यपाल हैं, जबकि गंगा प्रसाद सिक्किम और सत्यदेव नारायण आर्य हरियाणा के राज्यपाल होंगे.
आठ बार विधायक और दो बार मंत्री रहे हैं एसएन आर्य

राजगीर : भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यदेव नारायण आर्य राजगीर से 1977 से 2010 तक आठ बार विधायक निर्वाचित हुए थे और दो बार 1977 और 2010 में बिहार सरकार में मंत्री बने थे. पहली बार ग्रामीण विकास विभाग और दूसरी बार खनन एवं भूतत्व विभाग को संभाला. 1990 और 2015 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

सत्यपाल मलिक के रूप में लगभग साढ़े तीन दशक बाद जम्मू-कश्मीर को राजनीतिज्ञ राज्यपाल मिला है. इससे पहले कर्ण सिंह राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले अंतिम नेता थे, जिन्हें राज्यपाल नियुक्त किया गया था.

1984 में जगमोहन के राज्यपाल बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में कभी किसी राजनीतिज्ञ को राज्यपाल नियुक्त नहीं किया गया. आतंकवाद से ग्रस्त इस राज्य में रिटायर्ड नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों को राज्यपाल नियुक्त किया जाता रहा है. 31 अगस्त को 10 साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे एनएन वोहरा खुद पूर्व नौकरशाह हैं. साढ़े तीन दशक बाद राजनीतिज्ञ को राज्यपाल नियुक्त कर केंद्र सरकार ने राज्य में राजनीतिक प्रक्रिया को तेज करने का संकेत दिया है.

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