इस रक्षाबंधन बहन को दें मोदी सरकार की यह योजना, संवरेगा भविष्य अमित दुबे

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रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है. रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र, संपन्‍नता और खुशहाली की कामना करती हैं. वहीं भाई अपनी बहन को कपड़े, गहने, पैसे और तोहफे भेंट देकर उनकी रक्षा का वचन देते हैं. ये परंपरा तो वर्षों से चली आ रही है. क्यों न इस रक्षाबंधन को हर भाई अपनी लाडली बहन को तोहफे में ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ दें. इस योजना के तहत हर पिता अपनी 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खुलवाकर उसकी भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ की शुरुआत की, जो हर बेटी के पिता को अपनी लाडली का भविष्य सुरक्षित रखने में मदद करती है. इस योजना का उद्देश्य लड़कियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसान बनाना है. आप आसान किस्तों में अपनी लाडली के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं.

क्या है फायदा: सुकन्‍या समृद्धि योजना खाता आप किसी भी पोस्‍ट ऑफिस या बैंकों की अधिकृत शाखा में खुलवा सकते हैं. इस योजना के तहत अब तक 1.26 करोड़ बेटियों के जमा खाते खोले गए हैं, उन खातों में करीब 2000 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं. इस पर 8.1 फीसदी ब्याज मिलता है. ब्याज हर तिमाही में तय होता है.

न्यूनतम 250 रुपये में खाता खोलें: सरकार ने इसी साल सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम जमा की सीमा को 1,000 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दिया है. खाते में सालाना अधिकतम डेढ़ लाख रुपये जमा कराए जा सकते हैं. एक महीने या वित्त वर्ष में कितनी बार भी इस खाते में पैसा जमा कराया जा सकता है. खाते में हर साल न्यूनतम राशि जमा नहीं कराई गई तो 50 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है.

नियम: योजना के तहत यह खाता खोलने की तारीख से 21 साल तक वैध रहेगा, उसके बाद यह परिपक्व होगा और और उस लड़की को इसका भुगतान किया जाएगा जिसके नाम पर खाता खोला गया है. खाता खोलने की तारीख से 14 साल तक इसमें राशि जमा कराई जा सकती है, उसके बाद खाते पर उस समय लागू दरों के हिसाब से ब्याज मिलेगा. जब बेटी 18 साल की हो जाएगी, तब अपना खाता मैनेज करने का पूरा अधिकार उसे मिलेगा और उसे ही खाते को संभालना होगा. ये अनिवार्य शर्त है.

सुकन्या समृद्ध‍ि योजना से आप मैच्योरिटी से पहले पैसे निकाल सकते हैं. यह काम 18 साल की होने के बाद अगर बेटी की शादी हो रही हो, तो शादी से एक महीने पहले और शादी के बाद तीन महीने के भीतर आवेदन देना होगा.

दस्तावेज: बेटी का जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता का फोटो पहचान पत्र, अड्रेस प्रूफ, बच्चे और माता पिता की फोटो की जरूरत होती है. सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह खाता किसी डाकघर शाखा या अधिकृत सरकारी बैंक की शाखा में खोला जा सकता है. अब यह खाता आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईडीबीआई बैंक जैसे निजी बैंकों में भी खोला जा रहा है.

खास शर्त: एक बेटी के नाम पर एक ही खाता खुलवाया जा सकता है. अधिकतम दो बेटियों के नाम पर यह खाता खुलवाया जा सकता है. केवल एक शर्त में तीनों बेटियों को इस योजना को लाभ मिलेगा. अगर पहली बेटी के बाद अगर फिर जुड़वां बेटी जन्म लेती हैं तो ऐसी स्थिति में तीनों बेटियों को योजना का लाभ मिलेगा.

खाता धारक की मौत पर मृत्यु प्रमाण पत्र मुहैया करने के बाद लीगल गार्जियन को पूरी राशि दे दी जाएगी. इसके अलावा तब भी‍ राशि निकाली जा सकती है, जब लड़की भारत की नागरिकता छोड़ देती है या वह विदेश में बस जाती है.

आयकर छूट: इस योजना के तहत खुलने वाले खातों को आयकर कानून की धारा 80-सी के तहत छूट दी जाएगी. वहीं आप आसानी से इस खाते को देश के किसी भी हिस्से में ट्रांसफर करवा सकते हैं.

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