भारत को रोइंग और टेनिस में मिला गोल्ड, कबड्डी में फिर हाथ लगी निराशा

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इंडोनेशिया में खेले जा रहे 18वें एशियन गेम्स में छठवें दिन भारतीय रोइंग टीम और टेनिस में मैन्स डबल्स टीम गोल्ज मेडल जीतने में कामयाब रहे. हालांकि कबड्डी में भारतीय महिला टीम फाइनल में ईरान से हार गईं और उन्हें सिल्वर से ही संतोष करना पड़ा. एशियन गेम्स के 6 दिन पूरे होने के बाद भारत पदक तालिका में 6 गोल्ड, 5 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज लेकर कुल 25 मेडल के साथ 8वें पायदान पर है. पदक तालिका में 66 गोल्ड समेत कुल 139 मेडल जीतने वाला चीन पहले पायदान पर बना हुआ है.

भारत को आज निशानेबाजी में कोई गोल्ड मेडल नहीं मिला, लेकिन हीना सिद्धू महिलाओं की दस मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रही. 16 साल की मनु भाकर क्वालीफिकेशन में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद फिर से फाइनल में नाकाम रही.

कबड्डी में फिर से निराशा मिली. पुरुष टीम कल सेमीफाइनल में ईरान से हार गयी थी और आज महिला टीम भी फाइनल में ईरानी टीम से पार नहीं पा सकी. महिला टीम को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. जिस खेल में स्वर्ण पदक पक्का माना जा रहा था उसकी निराशा कुछ हद तक नौकाचालकों और टेनिस में मैन्स डबल्स टीम ने कम की.

भारतीय नौकायन खिलाड़ियों ने चौकड़ी स्कल्स में ऐतिहासिक गोल्ड और दो ब्रॉन्ज जीतकर छठे दिन की शानदार शुरुआत की. साधारण परिवारों से आये सेना के इन जवानों ने सैनिकों का कभी हार नहीं मानने वाला जज्बा दिखाते हुए जीत दर्ज की .

भारतीय टीम में स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह शामिल थे जिन्होंने पुरुषों की चौकड़ी स्कल्स में 6 : 17 . 13 का समय निकालकर गोल्ड जीता . भोकानल कल व्यक्तिगत वर्ग में नाकाम रहे थे. स्वर्ण और प्रकाश भी पुरूषों के डबल स्कल्स में पदक से चूक गए थे. लेकिन इन सभी ने 24 घंटे के भीतर नाकामी को पीछे छोड़कर इतिहास रच डाला.

इससे पहले भारत ने नौकायन में दो ब्रॉन्ज मेडल भी जीते. रोहित कुमार और भगवान सिंह ने डबल स्क्ल्स में और दुष्यंत ने लाइटवेट सिंगल स्कल्स में कांस्य पदक हासिल किया. दुष्यंत आखिरी 500 मीटर में वह इतना थक गए थे कि स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा. वह मेडल समारोह के दौरान ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे .

भारतीय टीम के सीनियर सदस्य स्वर्ण सिंह ने कहा, ”कल हमारा दिन खराब था लेकिन फौजी कभी हार नहीं मानते . मैने अपने साथियों से कहा कि हम गोल्ड जीतेंगे और हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. यह करो या मरो का मुकाबला था और हम कामयाब रहे.”

टेनिस में बोपन्ना और शरण ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा. उन्होंने फाइनल में कजाखस्तान के अलेक्जेंदर बबलिक और डेनिस येवसेयेव को 52 मिनट में 6 . 3, 6 . 4 से हराया. मैन्स सिंगल इवेंट में अकेले भारतीय बचे प्रज्नेश गुणेश्वरन को सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन से 2-6 2-6 से हारकर ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा. हालांकि यह मुकाबला स्कोरलाइन से ज्यादा प्रतिस्पर्धी रहा.

स्क्वाश में भी सौरव घोषाल, जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल कार्तिक के अपने अपने सिंगल्स इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने से तीन पदक पक्के हो गये हैं. गोल्फ में आदिल बेदी पदक की दौड़ में बने हुए हैं. भारतीय टीम भी दूसरे दौर के बाद दूसरे स्थान पर बनी हुई है और उसकी पदक जीतने की संभावनाएं बढ़ गयी हैं.

भारतीय पुरुष हाकी टीम ने अपना अजेय अभियान जारी रखा. उसने तीसरे मैच में जापान को 8-0 से करारी शिकस्त दी. लेकिन कबड्डी में भारत को फिर से झटका लगा और उसे एशियाई खेलों से पहली बार अपने इस पारंपरिक खेल में स्वर्ण के बिना स्वदेश लौटना होगा. ईरान की महिला टीम ने पुरूष टीम के नक्शेकदम पर चलते हुए भारतीय महिला टीम को फाइनल मे हराकर की उसकी उम्मीदों पर पानी फेरा.

दो बार की गत चैम्पियन भारतीय टीम फाइनल में 24 . 27 से हार गई और उसे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा. ईरान की पुरुष टीम ने कल सेमीफाइनल में सात बार के चैम्पियन भारत को हराकर हैरान कर दिया था.

बैडमिंटन कोर्ट से भी भारत को अच्छी खबर नहीं मिली और मैन्स सिंगल में के श्रीकांत और एच एस प्रणय को हार का सामना करना पड़ा. श्रीकांत 43 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 28वीं रैंकिंग के वोंग विंग कि से 21-23 19-21 से हार गये. इसके बाद प्रणय को थाईलैंड के कंटाफोन वांगचारोइन से 65 मिनट तक चले मुकाबले में 12-21 21-15 15-21 से पराजय का मुंह देखना पड़ा.

जिम्नास्टिक में दीपा कर्माकर बैलेंसिंग बीम में पांचवें स्थान पर रही जबकि तैराकी में भी बिना पदक के भारतीय अभियान समाप्त हो गया. मुक्केबाजी में आज भारत को मिश्रित सफलता मिली. अनुभवी मुक्केबाज मनोज कुमार (69 किग्रा) ने आसानी से प्री क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदकधारी गौरव सोलंकी (52 किग्रा) को पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा.

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