महिलाओं-बच्चों में एनीमिया दूर करने के लिए ‘एनिमिया मुक्त भारत अभियान’ 15 सितंबर से

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देश की महिलाओं और बच्चों में खतरनाक हद तक बढ़ चुकी रक्ताल्पता (एनिमिया) की स्थिति को सुधारने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय मिशन मोड पर एक कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। ‘एनिमिया मुक्त भारत’ नाम के इस अभियान को अगले महीने की 15 तारीख को लांच किया जाएगा। इसके तहत, गांव-गांव जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों और 15 से 49 आयुवर्ग की महिलाओं की रक्त जांच की जाएगी और एनिमिक पाए जाने पर उन्हें जरूरी उपचार दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर मनोज झालानी ने हमारे सहयोगी अखबार ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि एनिमिया जैसे मामलों में सबसे बड़ी समस्या ये है कि लोगों को ये मालूम ही नहीं होता कि वे एनिमिक हैं। इसलिए एनिमिया मुक्त भारत में हमने तय आयु समूह में सभी बच्चों और महिलाओं की स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है। झालानी ने बताया कि अभियान के तहत सभी सात एम्स, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आने वाले राज्यों के स्वास्थ्य विभागों और यूनिसेफ के राज्य कार्यालय के सहयोग से गांव-गांव कैंप लगाकर महिलाओं और बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। लोगों को इन कैंप तक लाने की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और फील्ड में काम करने वाले अन्य लोगों की रहेगी। झालानी ने कहा कि स्क्रीनिंग में जो भी एनिमिक पाए जाएंगे, उन्हें आयरन की गोली समेत अन्य जरूरी दवाएं दी जाएंगी। साथ ही उन्हें खाने में क्या-क्या घरेलू चीजें लेनी हैं, ये भी बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद आशा कायकर्ताएं और एएनएम इन लोगों की जानकारी लेती रहेंगी।
निम्न परेशानियां हो सकती हैं-
1. रक्त में ऑक्सीजन की कम आपूर्ति से अंदरूनी अंग जैसे कि किडनी-लीवर आदि को क्षति पहुंच सकती है।
2. रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी पूरा करने के लिए हृदय ज्यादा मेहनत करता है, इससे उसे नुकसान पहुंचता है।
3. गर्भवती महिलाओं में एनिमिया समयपूर्व प्रसव और कई बार बच्चे की मौत का भी कारण बन जाता है।
4. एनिमिक बच्चे प्राय: अल्प-पोषण, कुपोषण और ठिगनापन का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका पूरा जीवन प्रभावित होता है।
कहां कितने महिलाएं-बच्चे एनिमिक?
राज्य – एनिमिक बच्चे – एनिमिक महिलाएं
उत्तर प्रदेश – 63.2% – 52.4%
बिहार – 63.5% – 60.3%
झारखंड – 69.9% – 65.2%
उत्तराखंड – 59.8% – 45.2%
दिल्ली – 62.6% – 52.5%
स्रोत: नेशनल हेल्थ प्रोफाइल 2018
क्या है एनिमिया
बच्चों के रक्त में प्रति डेसीलीटर 11 ग्राम से कम हेमोग्लोबिन और महिलाओं के रक्त में प्रति डेसीलीटर 12 ग्राम से कम हेमोग्लोबिन होने की स्थिति को एनिमिया या रक्ताल्पता की स्थिति माना जाता है।

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