राज्यपाल सत्यपाल मलिक ‘हमारा बंदा’ : भाजपा नेता

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू एवं कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रविंदर रैना ने राज्य के नए राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बारे में कहा कि वह ‘हमारा बंदा’ है। गुरुवार को वायरल हुए एक वीडियो क्लिप में रैना अपने आसपास के लोगों से कहते दिखाई दे रहे हैं, “अब जो गवर्नर आया है, वो हमारा बंदा है।” रविंदर रैना विधायक भी हैं। पहली बार विधायक बने रैना ने इसी वीडियो में दावा किया है कि पूर्व राज्यपाल एन.एन.वोहरा को इसलिए हटा दिया गया क्योंकि वह अपने विचारों पर जोर देते थे और भाजपा नेताओं की नहीं सुनते थे। बताते चलें कि कर्ण सिंह के बाद सत्यपाल मलिक पिछले 51 साल में जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल नियुक्त होने वाले प्रथम राजनेता हैं। सिंह का कार्यकाल 1967 में समाप्त हुआ था। वर्ष 1967 से इस पद पर सिर्फ सेवानिवृत्त नौकरशाह, राजनयिक, पुलिस अधिकारी और थल सेना के जनरल काबिज रहे थे। बदलते राजनीतिक परिदृश्य में भी उनकी नियुक्ति को देखा जा सकता है। दरअसल, यह चर्चा है कि पीडीपी के असंतुष्ट विधायक भाजपा से हाथ मिला सकते हैं। 72 साल के मलिक करीब-करीब सभी राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े रहे हैं। उन्होंने समाजवादी छात्र नेता के तौर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। राममनोहर लोहिया से प्रेरित मलिक ने मेरठ विश्वविद्यालय में एक छात्र नेता के तौर पर अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। वह उत्तर प्रदेश के बागपत में 1974 में चरण सिंह के भारतीय क्रांति दल से विधायक चुने गए थे। मलिक 1984 में कांग्रेस में शामिल हो गए और इसके राज्यसभा सदस्य भी बने लेकिन बोफोर्स घोटाला के मद्देनजर तीन साल बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। वह वीपी सिंह- नीत जनता दल में 1988 में शामिल हुए और 1989 में अलीगढ़ से सांसद चुने गए। वर्ष 2004 में मलिक भाजपा में शामिल हुए थे और लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन इसमें उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह से शिकस्त का सामना करना पड़ा। बिहार के राज्यपाल पद की 4 अक्तूबर 2017 को शपथ लेने से पहले वह भाजपा किसान मोर्चा के प्रभारी थे। वह 21 अप्रैल 1990 से 10 नवंबर 1990 तक केंद्र में राज्यमंत्री भी रहे थे।

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