कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए राहुल गांधी तो बीजेपी ने क्यों कहा ‘चाइनीज़ गांधी’

0
100

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को 12 दिन कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हो गए. राहुल की यात्रा पर बीजेपी की ओर से सवालों की झड़ी लग गई. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल पर ‘चीनी प्रवक्ता’ की तरह हर जगह चीन के लिए बोलने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कांग्रेस से जानना चाहा कि किस नेता और अधिकारी से राहुल अपने पसंदीदा देश चीन की यात्रा के दौरान मुलाकात करेंगे.

इसी साल मई में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने कैलाश मानसरोवर जाने की बात कही थी. विवाद के जवाब में कांग्रेस ने भी टिप्पणी की. कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बीजेपी की ओर से की जा रही आलोचना को अनुपयुक्त और अनुचित बताया है. गहलोत ने ट्वीट किया, ‘राहुल जी तीर्थयात्रा पर भगवान शिव की आराधना करने के लिए जा रहा है. यह पवित्र यात्रा है, लेकिन बीजेपी इस पर राजनीति कर रही है.’

गहलोत ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बीजेपी ऐसे मुद्दे उठा रही है जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि पार्टी के नेता राहुल गांधी की तीर्थयात्रा से परेशान और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. सत्ताधारी दल को यह बात हजम नहीं हो रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष भगवान की शिव की भक्ति में तीर्थयात्रा पर गए हैं. बीजेपी की टिप्पणी उनकी संकीर्ण सोच को दिखाता है.’

मानसारोवर झील के पास स्थित कैलाश पर्वत, हिंदू धर्म में खास मायने रखता है. इसे भगवान शिव का घर माना जाता है. मानसरोवर झील को पवित्र माना जाता है, क्योंकि हिंदुओं का मानना है कि यहां भगवान ब्रह्मा ने कल्पना की, जिसके बाद यह पृथ्वी बनी. श्रद्धालुओं का मानना है कि झील के पानी को पीने से वे पाप मुक्त हो जाएंगे. यह क्षेत्र बौद्ध धर्म, बॉन और जैन धर्म के आध्यात्मिक महत्व से भी जुड़ा है.

कैलाश मानसरोवर के श्रद्दालु 51 किलोमीटर लंबी चढ़ाई करनी होती है. कम तापमान, ऊंची चढ़ाई और अप्रवासी इलाका यहां की चुनौती है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तय किया है कि वह 12 दिन के दौरान कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरी करेंगे. राहुल गांधी को विदेश मंत्रालय से आवश्यक अनुमति भी मिल गई है. इसके साथ ही चीन की सरकार को भी इसकी जानकारी दी गई है.

अप्रैल में दिल्ली में एक ‘जन आक्रोश रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा था, ‘हम कर्नाटक जा रहे थे. एकदम से प्लेन 8000 फुट नीचे की ओर गिरा. मैंने सोचा चलो गाड़ी गई! मेरे दिमाग में आया कि मुझे कैलाश मानसरोवर जाना है! मुझे कर्नाटक चुनाव के बाद 10-15 दिन की छुट्टी चाहिए होगी ताकि, मैं वहां जा सकूं.’

भारत-चीन सीमा पर विवाद के चलते साल 1954 से साल 1978 तक कैलाश मानसरोवर की तीर्थयात्रा रुकी रही. भारत और चीन दोनों ने अक्साई चीन के इलाके पर दावा किया. यह इलाका जम्मू-कश्मीर और चीन और झिंजियांग प्रांत के बीच है.

युद्ध के सालों बाद दोनों देशों के बीच साल 1996 में विवादित इलाके पर समझौता हुआ. हालांकि अभी भी सीमा विवाद जारी है और चीनी सरकार अरुणाचल प्रदेश तक पर दावा करता है. साल 2017 में डोकलाम मुद्दे पर 73 दिन क दोनों मुल्कों के बीच सेनाएं आमने सामने डटी रहीं.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाते हुए सवाल किया कि राहुल अपनी चीन यात्रा के दौरान किस नेता और अधिकारी से मुलाकात करेंगे. पात्रा ने कहा, ‘हम सभी जानते हैं कि राहुल गांधी ने दिल्ली में चीन के अधिकारियों से बिना सरकार को बताए मुलाकात की. पहले इन्होंने मुलाकात से इनकार किया और फिर इसे डोकलाम स्टैंड ऑफ के दौरान स्वीकर किया.’

राहुल की कैलाश मानसरोवर यात्रा से उन पर चीन से दोस्ती के आरोप फिर से लगने शुरू हो गए हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here