अमेरिका से 2+2 वार्ता के बीच चाबहार पेमेंट मेकेनिज्म पर काम करने में जुटे भारत-ईरान

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भारत और अमेरिका में 2+2 डायलॉग के बीच एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में चुपचाप चाबहार पोर्ट के पेमेंट मेकेनिज्म पर काम करने में जुटा है। इसके अलावा ईरान ने भारत से रेलवे और अन्य हेवी इंजिनियरिंग उपकरणों की खरीद में भी रुचि दिखाई है। पेमेंट मेकेनिज्म के लिए यूको बैंक और ईरान से पासरगाड बैंक के बीच तालमेल बनाने की बात चल रही है। इससे ईरान के खिलाफ लगाए गए अमेरिका प्रतिबंधों से निपटने में भी मदद मिल सकेगी। यदि ऐसा होता है तो इस कदम से क्रूड ऑइल की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है।

बता दें कि हाल ही में ईरान के पासरगाड बैंक को भारत में एक ब्रांच खोलने की इजाजत मिली है। परिवहन मंत्री अब्बास अहमद अखौंदी के नेतृत्व में भारत आई टीम ने भारत के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी से बातचीत में गुरुवार को भरोसा दिलाया कि चाबहार पोर्ट को जल्दी ही भारत को सौंप दिया जाएगा। मीटिंग के बाद गडकरी ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘पोर्ट के प्रॉजेक्ट पर सहमति और इसे बनाने का काम ईरान पर लगे प्रतिबंधों से पहले ही हो गया था।’

अफगानिस्तान के लिए गेटवे कहे जाने वाले चाबहार पोर्ट की पहली टेस्टिंग से पहले ईरान सरकार का जोर है कि 3.5 मिलियन डॉलर की रकम उसे परफॉर्मेंस गारंटी के तौर पर दी जाए। हालांकि भारतीय अथॉरिटीज ने इन शर्तों में यह कहते हुए राहत की मांग की है कि प्रतिबंधों के चलते ऐसा करना मुश्किल होगा।

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