गंगा नदी में आया उफान, दियारे के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

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गंगा नदी में आये उफान से दानापुर दियारे के निचले इलाके तो पूरी तरह जलमग्न हो ही गये हैं. अब बाढ़ का पानी तेजी से गांवों को भी चारों तरफ से घेरने लगा है. इससे दियारे के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर कर टापू में तब्दील हो चुके हैं.

एक ओर जहां गंगा के जल स्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण दियारे के गंगहरा, हेतनपुर, कासीमचक, पुरानी पानापुर, पतलापुर व मानस पंचायत की करीब डेढ़ लाख आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. वहीं, बाढ़ के पानी से दियारे के हजारों एकड़ में लगी फसल को पानी से भारी नुकसान हुआ है.

दियारे की कासीमचक पंचायत के हरशामचक व पुरानी पानापुर समेत कई गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर जाने के कारण टापू में तब्दील हो चुके हैं. गुरुवार की शाम को देवनानाला पर गंगा का जल स्तर 167 फुट रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 168 फुट है. गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से मात्र एक फुट दूर है. गंगा में बढ़ते जलस्तर को देख कर लोगों में दहशत है.

पिछले पांच दिनों से गंगा के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि से दियारे की कासीमचक पंचायत का हरशामचक गांव बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर जाने के कारण टापू में तब्दील हो चुका है. खेतों में चार से पांच फुट तक बाढ़ का पानी है.

हरशामचक निवासी डाॅ अनिल कुमार, ललन राय, विजय राय, योगेंद्र राय, संतोष राय, बिटेश्वर राय, पंचम राय आदि ने बताया कि दो फुट और गंगा के जल स्तर वृद्धि हुई तो पूरा गांव जलमग्न हो जायेगा .कई स्कूल बाढ़ के पानी से घिरे गये हैं.गुरुवार की शाम में एसडीओ अमिताभ कुमार गुप्ता व सीओ महेंद्र प्रसाद गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों ने नाव से दियारे के बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लिया.

पूर्व जिला पार्षद सदस्य ओम प्रकाश यादव व प्रमुख सुनील राय ने मुख्यमंत्री, आपदा प्रबंधन मंत्री, डीएम व एसडीओ से दियारे में सरकारी स्तर पर नाव चलाने और दियारे को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग की है.

मनेर. गुरुवार को अचानक गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से पानी कई गांवों में घुस गया. पानी दियारे के गांवों में घुसते ही लोग परेशान हो गये. वहीं, दुधेला पुल के पास प्रार्थना घर बाढ़ के पानी से डूब गया. इसके अलावा हल्दी छपरा गांव में बाढ़ का पानी सड़क और गांवों में आते ही लोग घर के सामान को सुरक्षित स्थान की ओर ले जाते दिखे. बाढ़ से हल्दी छपरा, नया टोला, दुधेला, अदलचक, रत्नटोला, हुलासी टोला, इस्लामगंज, बदल टोला, पुराना टोला, महावीर टोला, छिहतर आदि गांव घिर चुके हैं.

साथ ही मनेर शहर से दियारे का करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क भंग हो गया है. नाव नहीं चलने के कारण लोग जान को जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी में घुस कर मनेर जरूरत के सामान लाने को विवश हैं. इधर दियारे के लोग प्रशासन द्वारा सुविधा मुहैया नहीं कराने से नाराज हैं.

मसौढ़ी. गुरुवार की सुबह तक पुनपुन नदी के स्थिर जल स्तर में शाम होते-होते अचानक वृद्धि हो गयी. जिससे पुनपुन प्रखंड के निचले हिस्से के गांव अकौना, पकौली, योगापुर, सिसवाचक , संबलपुर, हरेचक एवं रसीलचक समेत कुछ गांव में नदी की पानी प्रवेश करने लगा है. इससे गांव के लोगों को अपनी फसल को लेकर चिंता सताने लगी है. हालांकि, स्थानीय प्रशासन उक्त पानी को रोकने का अपनी ओर से भरपूर प्रयास कर रहा है. इस बाबत सीओ संजय कुमार ने बताया कि नदी का जल स्तर शाम छह बजे के बाद बढ़ना शुरू हुआ है.

दानापुर. गुरुवार को आपदा एडीएम मो मोहिजुद्दीन, एसडीओ अमिताभ कुमार गुप्ता व सीओ महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने नाव से दियारे के बाढ़ग्रस्त गांवों का जायजा लिया. श्री गुप्ता ने बताया कि दियारे के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है.अभी दियारे में बाढ़ का स्थिति नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि दो से तीन फुट गंगा के जल स्तर वृद्धि होने पर दियारे में बाढ़ आ जायेगा.

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