दरिंदों के खिलाफ खाड़ी देशों जैसा बने कानून : रवि किशन

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देश में महिलाओं पर अत्याचार, बलात्कार की घटनाएं बढ़ी हैं. हिंदुस्तान की आबादी 125 करोड़ है. उतनी पुलिस का होना संभव नहीं. इसके खिलाफ समाज को उठ खड़ा होना होगा. देश में बढ़ रही ऐसी घटनाओं के कारण विदेशियों के आने की संख्या भी घटी है. यह देश, समाज पर बड़ा कलंक है. बलात्कार मुक्त भारत हो, इसी अभियान का संदेश देती भोजपुरी फिल्म ‘सनकी दारोगा’ शुक्रवार से परदे पर दिखायी जायेगी. समाज को एक अच्छा मैसेज देनेवाली यह फिल्म है.

एपीआर सिटी मॉल में ‘सनकी दारोगा’ फिल्म के प्रोमोशन के लिए गुरुवार को पहुंचे सिने अभिनेता रवि किशन ने उक्त बातें कहीं. उनके साथ फिल्म की अभिनेत्री अंजना सिंह, मनोज सिंह टाइगर और फिल्म के विलेन पप्पू यादव मौजूद थे. रवि किशन ने बातचीत के दौरान कहा बलात्कारियों के खिलाफ देश में कड़ा कानून बनाने की जरूरत है. वहशी, दरिंदों के खिलाफ देश में खाड़ी देशों (गल्फ कंट्री) जैसा कड़ा कानून बनना चाहिए. फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित सजा मिले. ऐसे दरिंदों में भय पैदा होना चाहिए. सजा से एक दिन पहले ऐसे लोगों का चेहरा मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच आये.

अभी हाल में ही मध्य प्रदेश में दो बलात्कारियों को फांसी की सजा सुनायी गयी. ऐसा होने पर ही भय व दहशत पैदा होगा. सनकी दारोगा ऐसे ही सब्जेक्ट पर बनी फिल्म है. उन्होंने कहा मेरे घर में मेरी बेटी है. चिंता रहती है. स्कूल, कॉलेज गयी है. कहीं कुछ गलत ना हो जाये. यह चिंता हर मां-बाप को है. समाज को भी होनी चाहिए. इसीलिए यह फिल्म बनायी है. इसकी पटकथा भी खुद लिखी है. यह सच्ची घटना से प्रेरित होकर बनायी गयी फिल्म है. बिहार-झारखंड के 60 सिनेमाघरों में एक साथ शुक्रवार से फिल्म प्रदर्शित होगी. खुशी की बात यह है कि पहली बार भोजपुरी फिल्म रांची के दो और गया के एपीआर समेत तीन के अलावा सात मल्टीप्लेक्स में प्रदर्शित होने जा रही है. घर में भी अभिभावक बेटियों को रहन-सहन को लेकर खूब नसीहत देते हैं, सिखाते हैं. बेटों को क्यों नहीं सिखाते. बेटों को समझाने की जरूरत है. उनके अंदर भय पैदा करें. इस फिल्म की अधिकतर शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई है. डेढ़ करोड़ की लागत से यह फिल्म बनी है. रवि किशन ने फिल्म का डायलॉग सुनाया- ‘‘ई देश, हिंदुस्तान देवी-देवताओं की धरती, ऋषि-मुनियों की धरती है, लेकिन कुछ वहशी, दरिंदे अपनी गंदगी से इसे बदनाम करना चाहते हैं और मैं रघुराज प्रताप सिंह एक पुलिस अफसर, ये होने नहीं दूंगा’’.

फिल्म की अभिनेत्री अंजना सिंह ने कहा कि फिल्म के जरिये महिलाओं पर अत्याचार और बलात्कार पर रोक लगाने का एक छोटा-सा प्रयास है. दुष्कर्मी को जल्दी सजा मिलनी चाहिए. अधिक समय लगने पर पीड़ित परिवार के परिजन, लोगों के तानों से तंग आकर सुसाइड कर लेते हैं. सरकार को चाहिए जितनी जल्दी हो सके, इंसाफ दिला दे. वह बताने लगीं फिल्म के प्रोमोशन के लिए नालंदा जानेवाली थीं. आधे घंटे पहले सूचना दी जाती है, कि वह वहां नहीं जा सकतीं. अब जब दिन के उजाले में इतने लोगों के रहते हुए ‘एक महिला’ को जाने से रोका जाता है, इससे पता चलता है, अभी समाज कहां है. बिहार में तो इन दिनों कुछ ज्यादा ही ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं.

बिहार में कानून-व्यवस्था के बेपटरी होने से सवाल पर अंजना ने कहा. उनके साथ एक जगह ऐसी घटना हुई, जहां सुरक्षा नहीं दी जा सकी. मैं पूरे बिहार का हाल नहीं जानती. पर कुछ गड़बड़ तो है. सोच बदलने की जरूरत है. लोगों को जागना होगा. भोजपुरी फिल्मों में अश्लीलता के सवाल पर रवि किशन ने कहा, भोजपुरी फिल्मों के ऐसे दुष्टों को सबक मिलना चाहिए. अब लोगों के दिलों से ऐसे लोग उतरते जा रहे हैं. भोजपुरी के 24 करोड़ के समाज को 24 लाख रुपये कमाने के लिए कलंकित न करें. मनोज टाइगर ने कहा कि एक ही बाजार में शराब व दूध दोनों बिक रहा है. पसंद-पसंद की बात है. लोग जो चाहेंगे, वही बिकेगा. पहचान तो जनता को करना है.

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