बिहार: NDA का फॉर्मूला तय, 16 सितंबर तक हो सकता है सीटों पर फैसला

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पटना: बिहार से एक बार फिर एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे की खबर सामने आई है. बिहार जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने बीजेपी और जेडीयू के बीच किस फॉर्मूले पर बात बनेगी और कौन कितनी सीटें लड़ेगा इसे लेकर एबीपी न्यूज़ से बातचीत की है. वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, ‘आपसी सहमति तो हो गई है कि हम लोग एक साथ चुनाव लड़ेंगे. जब यह तय हो गया है कि हम एक साथ चुनाव लड़ेंगे तो फॉर्मूला भी तैयार हो जाएगा.’

बिहार जेडीयू अध्यक्ष ने कहा, ‘अभी मैं कह नहीं सकता हूं कि किस स्टेज में बात है या बात हुई है की नहीं. लेकिन मैं मानता हूं कि जो महौल से पता चलता है अभी कुछ दिन तक हम दिल्ली में थे और जो लोगों से बात हो रही थी बीजेपी के मानस में ये है और हम लोगों के मानस में भी है कि साथ चुनाव लड़ना है और कोई भी समस्या आती है तो बातचीत से हल हो सकती है.’

इस सवाल पर कि कितने दिनों के अंदर सीट बंटवारे की बात तय हो जाएगी इस पर उन्होंने कहा, ‘पहले भी हमने कहा था कि दूसरे सप्ताह तक हो सकता है. कोई तिथि आदमी अंदाज पर कहता है. हम उम्मीद करते हैं इसका समाधान जल्द ही होगा. हम आशा करते हैं कुछ ना कुछ रास्ता निकलेगा.’ वशिष्ठ नारायण सिंह की इस बात से कयास लगाए जा रहे हैं कि 16 तारीख के पहले बात बन जाएगी और सीट के बंटवारे पर बातें आ जाएंगी.

यह सवाल पूछे जाने पर कि आप लोगों के तरफ से सीधा प्रपोजल गया था कि एलजेपी, आरएलएसपी को छोड़कर जितनी सीटें आएंगी, वो बीजेपी और जेडीयू आपस में 50-50 करेगी. इस पर बिहार जेडीयू अध्यक्ष ने कहा, इस वार्ता में मैं शामिल नहीं था. वार्ता नीतीश जी और अमित शाह जी में बहुत अच्छी हुई थी. लेकिन दोनों तरफ से आत्मीयता का माहौल है.

जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि जो फॉर्मूला चल रहा है उसमें यह है कि 20 बीजेपी और बाकी आप लोग. इस पर उन्होंने जबाव दिया कि प्रेस की रिपोर्ट को आधार बना कर बात मत कहिए. प्रेस की रिपोर्ट से पार्टी फैसला नहीं करती है. जो शीर्ष नेताओं की बात होती है, वही निर्णायक होती है.

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में ये खबरें आई थीं कि बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से बीजेपी को 20, जेडीयू को 12, एलजेपी को छह जबकि आरएलएसपी पार्टी को दो और लोक समता पार्टी को एक सीट मिलेगी.

क्या इसपर भी बात होगी कि कौन सी सीट पर कौन लड़ेगा?
वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा, सीटों की संख्या जब तय होती है उसके बाद दोनों के लिए कौन सी सीट बेहतर होगी इसका आसानी से हल हो जाता है. पहले परिस्थिति देखी जाती है कि किसकी स्थिति किस सीट पर कैसी है. कौन बेहतर फाइट दे सकता है. कांग्रेस से बैकडोर से बातचीत होने के सवाल पर उन्होंने कहा, कांग्रेस से हम लोगों का कोई रिश्ता नहीं है और न ही रहेगा.

क्या एनडीए से बात नहीं बनी तो और कहीं जा सकते हैं?
इस पर उन्होंने कहा, हम इसको मानते ही नहीं हैं. एनडीए इनटैक्ट है और इनटैक्ट रहेगा और एनडीए एक साथ चुनाव लड़ेगा.

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