बेगूसराय में नहीं हुआ मॉब लिंचिंग, सेल्फ डिफेंस में ग्रामीणों ने उठाया कदम : एडीजी

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पटना : एके सिंघल (एडीजी, मुख्यालय) ने बेगूसराय में शुक्रवार हुए घटना पर बड़ा बयान दिया है. एडीजी ने बेगूसराय में हुए मॉब लिंचिंग की घटना को सिरे से खारीज करते हुए उसे सेल्फ डिफेंस करार दिया है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को एक स्कूल में तीन हथियारबंद अपराधी घुसे. उसके बाद बदमाशों ने शिक्षक से एक विशेष छात्र के बारे में पूछा. पिस्तौल दिखाते हुए स्कूल परिसर में भय का माहौल बनाया. जिसके बाद शोर सुन कर गांव वाले इकट्ठा हुए. ग्रामीणों और शिक्षकों ने छात्र को बचाने के लिए अपराधियों पर हमला बोला. अपराधी हथियार से लैस थें. ऐसे में कुछ भी हो सकता था.

ऐसे में वहां मौजूद लोगों ने अात्म रक्षा में अपराधियों को मारना शुरू कर दिया. जिससे एक अपराधी की घटना स्थल पर मौत हो गयी. जबकि, दो की मौत अस्पताल में हुई. एडीजी ने कहा कि मारे गये तीनों लोगों के आपराधिक इतिहास रहा है. ऐसे में जो स्थिति बन गयी थी, उसमें बड़ी घटना हो सकती थी. ग्रामीणों ने अपनी रक्षा ने कदम उठाये. इसे किसी भी तरह से मॉब लिंचिंग नहीं कहा जा सकता है.
गौरतलब हो कि बेगूसराय जिले के छौड़ाही थाना क्षेत्र के नारायणपीपर गांव के गोरिया धर्मशाला के पास स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को हथियार से लैस अपराधियों ने छात्रा का अपहरण कर भागने के फिराक में थें.

वहीं, अपराधियों की इस करतूत पर वहां मौजूद लोगों की नजर थी. जैसे ही अपराधी छात्रा को लेकर भागने लगे, भीड़ ने चौतरफा घेर लिया. भीड़ के आगे हथियार से लैस अपराधियों की भी एक न चली. उसके बाद भीड़ ने तीनों को पकड़ लिया. उसके बाद बारी-बारी से पीटकर मार डाला. अपराधी खुद को फंसते देख दहशत का माहौल पैदा करने के लिए हवाई फायरिंग भी की थी. लेकिन, इससे लोग और भड़क गये और उग्र हो गये थे. मारे गये अपराधी में एक कुख्यात अपराधी नागमणि महतो का बड़ा भाई मुकेश महतो, कुंभी गांव के ही बौना सिंह और रोसड़ा के हीरा सिंह शामिल है.

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