पाक अर्थव्यवस्थाः गरीबी से उबरने के लिए पाकिस्तान अपनाएगा यह तरीका

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कर्ज संकट से घिरा पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से मिलने वाले बेलआउट पैकेज से बचने के के लिए पनीर, लग्जरी कारों और स्मार्टफोन के आयात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। पाकिस्तान की आर्थिक हालात में सुधार के लिए हाल में एक बैठक हुई थी। वित्त मंत्री असद कुमार की अध्यक्षता वाली इस बैठक में हाल में बनाई गई आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के सदस्य मौजूद थे। आयात घटाने और निर्यात बढ़ाने के लिए कई विचारों पर चर्चा की गई, लेकिन फिलहाल कोई निर्णय नहीं निकला है। प्रधानमंत्री बनने के बाद इमरान खान ने साफ किया कि उन्हें दूसरों पर निर्भर रहने की आदत ठीक नहीं लगती। इस वजह से ईएसी की बैठक का मुख्य उद्देश्य बेलआउट पैकेज से बचने की राह तलाशना था। बैठक में मौजूद यूनिवर्सिटी प्रोफेसर अशफाक हसन ने बताया कि मीटिंग में पनीर, कार, सेलफोन और कुछ फलों के आयात पर एक साल तक के बैन लगाने पर बात हुई। माना जा रहा है कि इससे करीब 4 से 5 अरब डॉलर बच सकते हैं। इसी बीच निर्यात को 2 अरब डॉलर और बढ़ाने का विचार है। पाकिस्तान के चालू खाते का घाटा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पाकिस्तान के गिरते निर्यात और बढ़ते आयात की वजह से वहां डॉलर की कमी हो गई थी और इससे स्थानीय करेंसी पर दबाव बन रहा था। साथ ही चालू खाते का घाटा जून 30 तक 43 प्रतिशत बढ़कर 18 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इस वजह से इमरान खान के शपथ लेने से पहले ही अर्थशास्त्री अनुमान लगा रहे थे कि वह प्रधानमंत्री बनते ही आईएमएफ से बेलआउट पैकेज की मांग करेंगे, लेकिन हुआ इसका उल्टा। पाकिस्तान इससे पहले 14 बार (1980 से अबतक) बेलआउट पैकेज ले चुका है।

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