महंगाई के खिलाफ आज सड़क पर उतरेगी तृणमूल, भारत बंद से रखा अलग

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कोलकाता । पेट्रोलियम पदार्थ के मूल्यों में वृद्धि सहित कई अन्य मुद्दों पर सोमवार को कांग्रेस वाम दलों समेत अन्य विपक्षी दलों ने भारत बंद बुलाया है। बंद को 21 राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ यह बंद सुबह 9 बजे से दिन में तीन बजे तक होगा। वहीं पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने खुद को भारत बंद से अलग रखा है, लेकिन कहा है कि कार्यकर्ता इस दिन महंगाई के विरोध में महानगर समेत जिलों में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। महानगर में दोपहर बाद मौलाली से डोरिना क्रासिंग तक तृणमूल की ओर से बढ़े पेट्रो पदार्थ कीमत के खिलाफ जुलूस निकाला जाएगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि समेत समेत अन्य मांगों को लेकर सोमवार को कांग्रेस तथा वाम मोर्चा की ओर से बुलाया गया बंद बंगाल में बेअसर रहा। सुबह से ही राज्यभर के सभी जिलों में यातायात समान्य रहा। सभी दुकानें व प्रतिष्ठान भी खुले रहे। रोजाना की तरह बाजार, सड़कों व बस स्टैंड पर गहमा-गहमी बनी रही। दूसरी ओर, सुबह से ही तृणमूल के नेता और मंत्री बंद को विफल करने के लिए सड़कों पर डटे नजर आए। पार्टी की ओर से बंद के खिलाफ कई जगह जुलूस भी निकाला गया। कोलकाता तथा आसपास के जिलों में भी बंद का असर लगभग नहीं के बराबर रहा। जगह-जगह वाम मोर्चा की ओर से बंद के समर्थन में जुलूस निकाला गया तथा स्टेशनों पर ट्रेन रोकने का प्रयास किया गया लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। उधर, राज्य सरकार ने बंद को विफल करने के लिए पर्याप्त तैयारियां की है। शुक्रवार को ही राज्य सचिवालय नवान्न से निर्देशिका जारी कर सभी कर्मचारियों को बंद से दूर रहने और बगैर किसी वाजिब वजह के कार्यालयों में उपस्थित अनिवार्य कर दी गई। बंद के दिन लोग गाड़ी लेकर सड़कों पर निकले इसकी भी व्यवस्था सरकार ने की है। कहा गया है कि बंद को लेकर यदि किसी के वाहन को नुकसान पहुंचाया जाता है तो वाहन मालिक को 75 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा। शर्त यह है कि 12 घंटे के भीतर इसकी शिकायत थाने में करनी होगी। सचिवालय सूत्रों के अनुसार सोमवार को जनजीवन सामान्य रखने के लिए अतिरिक्त सरकारी बसों को उतारने का फैसला लिया है। डब्ल्यूबीटीसी की 400 अतिरिक्त सरकारी बसें चलाई जाएंगी। साथ ही अतिरिक्त ट्राम व अन्य वाहनों को भी चलाया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि पार्टी उन मुद्दों का समर्थन करती है, जिन्हें लेकर विपक्षी दलों ने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है लेकिन हम कामकाजी दिन बर्बाद हो इसके खिलाफ हैं। चटर्जी ने कहा कि हम राज्य में आम जनजीवन और विकास संबंधी कामकाज बाधित नहीं होने देंगे। पूरी परिवहन व्यवस्था को सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए कदम उठाये गए हैं। बस, ट्राम और परिवहन के दूसरे साधन सुचारु रूप से चलेंगे। बंद में तृणमूल के शामिल नहीं होने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि तृणमूल खुद का विरोध कर रही है। बंद का समर्थन भी लेकिन शामिल नहीं होना यह उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है। उधर, माकपा राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने पहले ही कहा है कि माकपा कार्यकर्ता बंद के समर्थन में सड़क पर उतरेंगे। बता दें कि संभव है कि बंद को लेकर माकपा और कांग्रेस कार्यकर्ता एक साथ सड़कों पर उतरे लेकिन वामो के घटक दल में से एक फारवर्ड ब्लाक ने बंद से खुद को अलग रखा है।

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