शिक्षकों की कमी के चलते जिले के तीन स्कूल हो चुके हैं बंद, तीन स्कूल ऐसे जहा सिर्फ एक शिक्षक

0
301

कमल किशोर, जालंधर : एडिड स्कूलों में अध्यापकों की किल्लत स्कूल बंद करवाने की नौबत ले आई है पिछले वर्ष दो में तीन स्कूल अध्यापकों की कमी के चलते बंद हो चुके है। राज्य सरकार ने एक वर्ष पहले नई नॉटिफिकेशन जारी कर स्कूलों में टीचर भर्ती करने की बात कही थी। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सरकार नोटिफिकेशन के मुताबिक शिक्षकों की भर्ती करने का तैयार नहीं है। नई नोटिफिकेशन के मुताबिक मैनेजमेंट कमेटियों को 70:30 का अनुपात रखना पड़ रहा है। इसके लिए कमेटिया तैयार नहीं है। पंजाब के अस्तित्व में आने के समय यह अनुपात 95:5 था। उस समय 95 फीसदी ग्राट सरकार देती थी जबकि पाच फीसदी मैनेजमेंट को देना पड़ता था। अब सरकार मात्र 70 फीसदी ग्राट दे रही है। तीस फीसदी स्कूल मैनेजमेंट को देना जरुरी है। पंजाब एडिड टीचर यूनियन के जिला प्रधान अरविंद नागपाल ने कहा कि शिक्षकों लकी भर्ती न होने की वजह से एडिड स्कूल का भविष्य खतरे में पड़ चुका है। जिले के तीन स्कूल बंद हो चुके है। सरकार की शिक्षकों की भर्ती संबंधी नॉटीफिकेशन स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को मंजूर नहीं। नई भर्ती नहीं हो रही है। कई स्कूल ऐसे है जहा सिर्फ एक शिक्षक रह गए है। यूनियन के स्टेट वाइस प्रेसीडेंट राज कुमार शर्मा ने कहा कि पहले ही सरकार विद्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। विद्यार्थियों को सिर्फ मिड डे मील व स्कालरशिप की सुविधा मिल रही है। विद्यार्थियों को न ही वर्दिया, न साइकिल, न मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। सरकार की नोटिफिकेशन के चलते मैनेजमेंट 70:30 अनुपात के जरिए भर्ती करने को तैयार नहीं है। सरकार एडिड स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षकों को शिक्षा विभाग में लिया जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.