आईआईटी, आईआईएम और एम्स पाने के लिए राज्यों में प्रतिस्पर्धा

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आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे शीर्ष संस्थान किसी भी राज्य को बैठे बिठाए नहीं मिलेंगे। राज्यों को इन संस्थानों को हासिल करने के लिए अन्य राज्यों के साथ प्रतियोगिता करनी होगी। जो राज्य इस प्रतियोगिता में सबसे बेहतर प्रदर्शन करेगा, उस राज्य के लिए ये संस्थान स्वीकृत किए जाएंगे। केंद्रीय परियोजनाओं के लिए जगह का चयन करने के लिए कैबिनेट सचिवालय की ओर से तैयार दिशा-निर्देशों को हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा गया है।

इस दिशा-निर्देश में कहा गया है कि फिलहाल किसी संस्था या परियोजना के लिए स्थान का निर्धारण बिना जरूरी प्रक्रिया पूरी किए कर दिया जाता है। कई बार कुछ परियोजनाएं बजट में स्थान के साथ घोषित कर दी जाती हैं और उसकी योजना, जमीन का निर्धारण एवं भूमि अधिग्रहण घोषणा के बाद किया जाता है। ऐसे मामलों में अक्सर उपयुक्त जमीन की कमी, भूमि अधिग्रहण में देरी, राजनीतिक विरोध के चलते लंबित हो जाते हैं और इनकी लागत बढ़ जाती है। कुछ संस्थान ऐसे स्थान पर खोल दिए जाते हैं, जहां आवश्यक अधोसंरचना जैसे स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं शहरी रहन-सहन के अभाव के चलते उच्च तकनीकी दक्ष एवं प्रबंधन क्षमता वाले लोग आना पसंद नहीं करते।

दिशा-निर्देश में कहा गया है कि इसलिए आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थानों के लिए उपयुक्त एवं व्यावहारिक स्थान का चयन करने के लिए हमें प्रतियोगिता पद्धति को अपनाना होगा। यह प्रतियोगिता राज्यों को बेहतर स्थान, तय समय पर जमीन, जरूरी सहायक अधोसंरचना एवं वित्तीय अंशदान देने के लिए प्रेरित करेगी। इस तरह से चयनित स्थान पर परियोजना तय समय से पूरी हो सकेगी और देश के संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग हो सकेगा।

तीन चरणों में चयन

1. सभी राज्यों को समान अवसर देने के लिए राज्यों को आर्थिक स्थिति, सामाजिक विकास, आकार, क्षेत्र आदि के आधार पर समूहों में बांटा जाएगा। कुछ खास मामलों में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिहाज से भी समूह बन सकते हैं।

2. संस्थान, परियोजना के लिए योग्य राज्यों से प्रस्ताव मंगाए जाएंगे। इसमें उपयुक्त जमीन की तत्काल उपलब्धता से लेकर बिजली, पानी, ड्रेनेज की सुविधा एवं राज्य कितना वित्तीय अंशदान करने को तैयार है इसकी जानकारी देनी होगी।

3. संबंधित मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली मूल्यांकन एवं चयन समिति इन प्रस्तावों का मूल्यांकन करेगी और सबसे उपयुक्त से लेकर सबसे कम उपयुक्त प्रस्ताव की रैंकिंग तैयार करेगी।

किस मानक पर कितना वेटेज मिलेगा

आईआईटी-आईआईएम

उपयुक्त जमीन की तत्काल उपलब्धता 30

बिजली, पानी, ड्रेनेज की सुविधा 15

राज्य द्वारा वित्तीय अंशदान 15

आसपास स्कूल, कॉलेज, मेडिकल सुविधा 10

सड़क, रेल एवं वायुसेवा से जुड़ाव 15

क्षेत्र में उद्योगों की मौजूदगी 10

सभी स्वीकृतियों के लिए सिंगल विंडो 05

एम्स

उपयुक्त जमीन की तत्काल उपलब्धता 20

बिजली, पानी, ड्रेनेज की सुविधा 15

तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी 15

राज्य द्वारा वित्तीय अंशदान 10

स्कूल, कॉलेज, मेडिकल सुविधा 10

सड़क, रेल एवं वायुसेवा से जुड़ाव 15

राज्य की प्रति व्यक्ति आय/साक्षरता 05

सभी स्वीकृतियों के लिए सिंगल विंडो 10

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