मुख्यमंत्री ने किया केंद्रीकृत ‘डायल-100’ का शुभारंभ, बोले, थानों में ट्रांसफर व पोस्टिंग में सामाजिक संतुलन बनाये रखें

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस विभाग के अफसरों से कहा कि थानों में होने वाले ट्रांसफर-पोस्टिंग में सोशल बैलेंस (सामाजिक संतुलन) का ख्याल रखा जाये. सोशल बैलेंस बनाये रखने से समाज में एकरूपता रहती है. जनता की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं. हर वर्ग की भागीदारी से तमाम पहलुओं पर काम करने में आसानी होती है. कानून-व्यवस्था के मामले निबटाने में दिक्कत नहीं होती. मंगलवार को मुख्यमंत्री केंद्रीकृत ‘डायल-100’ का शुभारंभ कर रहे थे.

वैसे पटना में यह सेवा 2014 से ही शुरू है. लेकिन अब इसकी केंद्रीकृत व्यवस्था में राज्य में कहीं से भी 100 डायल करने पर पुलिस मुख्यालय में बने कंट्रोल रूप में कॉल आयेगा और यहां से संबंधित थाने को संबंधित व्यक्ति तक तुरंत पुलिस टीम भेजने का निर्देश दिया जायेगा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए हर स्तर पर समीक्षा जरूरी है. अपराधों को देख कर क्षेत्र विशेष का अध्ययन कर समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो सकता है. डीजीपी, गृह सचिव और मुख्य सचिव हर माह कानून-व्यवस्था की समीक्षा जरूर करें. जिला स्तर पर डीएम और एसएसपी हर 15 दिन में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करे. हर शनिवार को थानाप्रभारी के साथ अंचलाधिकारी शिविर लगाकर भूमि से संबंधित विवादों का निबटारा करें.

इसे सेवा का लाभ गांव-गांव तक के नागरिकों को मिलेगा. करीब 12 करोड़ की आबादी में साढ़े आठ करोड़ से अधिक लोगों के पास फोन है. परेशानी आने पर किसी वक्त डॉयल किया जा सकता है. अपराधों की वजह में भूमि विवाद होता है. भूमि विवाद को सुलझाना जरूरी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोलिंग पर सख्ती से ध्यान देना होगा. किसी भी घटना में पुलिस को कब सूचना मिल रही है और वह कब पहुंच रही है, इसका विश्लेषण जरूरी है.

किसी खास इलाके में अगर खास तरह का अपराध बढ़ रहा है तो समीक्षा में इसके समाधान पर चर्चा हो जायेगी. पुलिस को तमाम और सुराग मिलेंगे, जिनसे अपराधियों पर लगाम कसा जा सकेगा. उन्होंने कहा कि उनके स्तर पर कानून-व्यवस्था की गहनता से समीक्षा होती है. एक-एक बिंदु पर चर्चा करने में पांच-साढ़े पांच घंटे तक समय लगता है. इसलिए सचिवालय और पुलिस मुख्यालय स्तर के अफसर समीक्षा पर ध्यान दें.

सीएम ने कहा कि थाना भवनों का निर्माण तेजी से हुआ है. सुविधाएं बढ़ायी गयी हैं. हर थाने में महिलाओं के लिए वाश रूम और सीटिंग रूम बनाने के निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं. जरूरत पड़ी तो किराये के भवन में चलने वाले थाना भवनों को खरीद लिया जाये.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पुलिस को संसाधनों से लैस करने में धन की कमी आड़े नहीं आयेगी. थानों के लिए गाड़ी या हथियार व्यवस्था होगी.
हर थाने में महिला सिपाही व अधिकारी की तैनाती भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को सिम बेस्ड लैंडलाइन फोन उपलब्ध करा दिये हैं. फोन के बिल सेंट्रलाइज तरीके से पुलिस मुख्यालय जमा करायेगा. थानों के फोन ठीक रहने पर ही मिलेगी सफलता. फोन खराब हो तो आधा घंटे में ठीक कराया जाये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों तक विकास हुआ है. सुविधाएं गांवों तक पहुंच रही हैं, इसलिए जमीन के भाव काफी बढ़ गये हैं. प्रदेश के हर क्षेत्र में जमीन को लेकर तमाम विवाद होते हैं. इसलिए इसको लेकर सरकारी स्तर पर प्रयास जरूरी है. 60% से अधिक अपराध के मामले भूमि विवाद से संबंधित होते हैं.
कौशल प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को आरक्षण

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2022 तक राज्य में एक करोड़ लोगों को हुनरमंद बनाना है. विश्व और राष्ट्रीय स्तर की कौशल प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलेगा. मुख्यमंत्री मंगलवार को इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता में भाग लेनेवाले युवाओं की हौसला अफजाई के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी मुसीबत में हैं तो ‘100’ नंबर पर डॉयल करें. पुलिस फौरन पहुंकर मदद करेगी. इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी गयी है.

कॉल करने के बाद शहर में 15-20 मिनट व ग्रामीण क्षेत्र में 30-35 मिनट में पुलिस कॉल करनेवाले तक पहुंचेगी. प्रदेश में कहीं से, किसी भी कंपनी के मोबाइल फोन से कॉल करने पर यह सुविधा मिलेगी. इसके लिए पटना में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो सातों दिन 24 घंटे काम करता है. प्रदेश में कहीं से भी अब ‘100’ नंबर डॉयल किया जायेगा, कॉल पटना के कंट्रोल रूम में ही आयेगा. यहां से फौरन संबंधित थाने को सूचना दी जायेगी.

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