इमरान खान का ‘नया’ पाकिस्तान हुआ ‘बेनकाब’, अब ‘हसीना बम’ से कर रहा हमले

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नई दिल्ली: भारत में अशांति फैलाने के लिए पड़ोसी पाकिस्तान तरह-तरह के हथकंडे अपनाता रहता है. आतंकवादियों की घुसपैठ की साजिश के बाद अब पाकिस्तान हनीट्रैप के जरिए भारत की गुप्त सूचनाएं जुटाने में जुटा है. भारतीय खुफिया एजेंसियों को मिली ताजा जानकारी बेहद चौंकाने वाली है. भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों को मिली गुप्त जानकारी ने पाकिस्तान को एक बार फिर बेनकाब करते हुए उसकी सबसे नई और सबसे खतरनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है.

सूत्रों का कहना है कि इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसी को पता चला है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारतीय वैज्ञानिकों को अपना शिकार बनाना चाहती है और खासतौर पर युवा वैज्ञानिक आईएसआई के निशाने पर हैं.

ये पाकिस्तान की पूरी प्लानिंग
पाकिस्तान के इस मंसूबे को अंजाम देने के लिए भारत में छिपे उनके स्लीपर सेल के सदस्य सबसे पहले एक खास किस्म का डाटा इकट्ठा करते हैं. इस डाटा में भारत के अलग-अलग शहरों में रक्षा मंत्रालय के अलग-अलग यूनिट में काम करने वाले यंग साइंटिस्ट के नाम, उनका पता, जन्म तारीख, ईमेल आईडी, और सोशल मीडिया प्रोफाइल से जुड़ी जानकारियां शामिल होती हैं.

यह डाटा हासिल करते ही आईएसआई की डिफेंस के मामलों में हाईली क्वालिफाइड टीम फेसबुक पर फ़र्ज़ी आईडी की मदद से लड़की बनकर कर इन युवा साइंटिस्ट से पहले दोस्ती करते हैं और फिर चैटिंग. भारतीय युवा वैज्ञानिकों को हनी ट्रैप करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फेसबुक के इस अकाउंट की कोई भी जानकारी सच नहीं होती, बल्कि इसके लोकेशन से लेकर इसके आइपी एड्रेस तक यह पूरी तरह से फर्जी होता है.

यूं फंसाए जाते हैं युवा वैज्ञानिक
शिकार को अपने जाल में कैसे फंसाया जाए इसको लेकर इस टीम को बेहद खास ट्रेनिंग भी दी जाती है. हनी ट्रैप के लिए अश्लील चैटिंग से लेकर डमी महिला मॉडल के जरिये erotic लाइव सेक्स विडियो कॉलिंग तक की मदद ली जाती है. मुलाकात का झांसा देकर इन युवा वैज्ञानिकों से उनके विभाग की सभी खुफिया जानकारी हासिल करने की हर मुमकिन कोशिश की जाती है.

कुछ दिनों पहले भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसी को पाकिस्तान की इस नई और बेहद खतरनाक साजिश के बारे में पता चला, जिसके बाद संदिग्ध वैज्ञानिकों पर कई दिनों तक कड़ी नजर रखी गई. शुरुआती जांच में एजेंसी को पता चला है कि यह युवा वैज्ञानिक अपने विभाग से जुड़ी अहम जानकारियां दफ्तर के कंप्यूटर के साथ-साथ अपने निजी कंप्यूटर और लैपटॉप पर भी सेव कर रहे हैं, तब ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत इनकी गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया.

एजेंसियों को शक है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के भारत में छिपे स्लीपर सेल में कुछ महिलाएं भी सदस्य हो सकती हैं, जिसको ध्यान में रखते हुए आने वाले वक्त में देश के अलग-अलग शहरों में कई और छापेमारी और धरपकड़ हो सकती हैं.

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