जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर मलेशिया की अदालत करेगी फैसला

0
132

नई दिल्ली: विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को भारत प्रत्यर्पित करने के मामले में मलेशिया ने अब तक कोई फैसला नहीं किया है और इस मामले पर वहां की अदालत कोई फैसला करेगी. मलेशिया के एक वरिष्ठ मंत्री ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को एक बैठक के दौरान यह जानकारी दी. विदेश मंत्री ने यहां एक बैठक में मलेशिया के मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया था. मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री एम कुला सेगराम ने बताया कि एक बैठक के दौरान स्वराज ने नाइक का प्रत्यर्पण जल्दी करने की अपील की.
उन्होंने पीटीआई.भाषा को बताया कि वह जाकिर नाइक पर पूछ रही थीं कि क्या मलेशिया से नाइक को प्रत्यर्पित किया जाएगा, ‘‘मैंने कहा कि मलेशिया की सरकार ने अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. ‘ इस मामले पर निर्णय करना मलेशिया सरकार ने अदालत पर छोड़ रखा है.

आपको बता दें कि इससे पहले भारत में कथित आतंकी गतिविधियों और धनशोधन में वांछित विवादित मुस्लिम धर्म उपदेशक जाकिर नाइक ने वापस नहीं भेजे जाने के लिए मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद का शुक्रिया अदा किया था. मलेशिया के अखबारों में बयान छपवाकर धन्यवाद देते हुए जाकिर नाइक ने देश का कोई कानून नहीं तोड़ने का वादा भी किया. भारत ने औपचारिक तौर पर मलेशिया से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का आग्रह किया था. अपने भड़काऊ भाषणों से युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का आरोप लगने के बाद जाकिर 2016 में देश से फरार हो गया था.

‘मलेशिया के सांप्रदायिक सौहार्द पर मेरा विश्वास मजबूत हुआ’
मलेशियाई अखबारों में छपे बयान में नाइक ने कहा है ‘मेरे मामले को ‘निष्पक्ष’ तौर पर लेने के लिए आपका धन्यवाद प्रधानमंत्री महातिर’. महातिर के निर्णय से मलेशिया के न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द पर मेरा विश्वास और दृढ हुआ है.’ कट्टरपंथी मुस्लिम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक ने पिछले हफ्ते मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर से मुलाकात की थी. इसके बाद महातिर ने साफ किया था कि उनकी सरकार नाइक के प्रत्यर्पण की भारत की मांग पर आसानी से अमल नहीं करेगी. नाइक को तब तक वापस भारत नहीं भेजा जाएगा जब तक वह उनके देश में परेशानी पैदा नहीं करता.

भारत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) नाइक के खिलाफ आतंकी गतिविधियों और धनशोधन के आरोपों की जांच कर रही है. एनआईए ने नाइक के खिलाफ आतंकरोधी कानून के तहत 2016 में पहला मामला दर्ज किया था. नाइक के खिलाफ बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 2016 में हुए आतंकी हमले को लेकर भी जांच की जा रही है. आरोप है कि नाइक के भड़काऊ भाषणों से ही हमलावर प्रेरित हुआ था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.