आज की राजनीति में आ रही है गिरावट, पढ़-लिख कर सिद्धांत की राजनीति में आएं छात्र : नीतीश

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए छात्र- छात्राओं को सिद्धांत की राजनीति में आने का न्योता दिया है.

राजनीति में आयी गिरावट और उस पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि सिद्धांत की राजनीति के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. राजनीति सबसे महत्वपूर्ण है, छात्र इसमें पढ़कर और बढ़कर भाग लें. यह ठीक नहीं हुई तो देश भी नहीं बचेगा. बापू सभागार में गुरुवार को छात्र जदयू के विराट छात्र संगम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल राजनीति में वैचारिक स्तर पर कोई बहस नहीं हो रही है.

हम किस तरह से सत्ता हासिल करें इसके लिए सब लोग बहस कर रहे हैं. सत्ता हासिल करना ही बहस का मुद्दा बना हुआ है. बड़े पैमाने पर लोगों में सत्ता की लालसा मेवा के लिए है, सेवा के लिए नहीं है. इस कारण राजनीति में बहुत गिरावट आ रही है. सीएम ने सिद्धांत की राजनीति के बल पर पहला चुनाव जीतने, कैसे एक किसान के कहने पर वह युवा लोकदल के अध्यक्ष बने, जेपी -लोहिया के विचारों से कैसे प्रभावित हुए, छात्र और सियासी आंदोलन आदि संस्मरणों को भी छात्र- छात्राओं के साथ साझा किया.

सीएम ने कहा कि देश को बचाने के लिए जेपी-गांधी -लाेहिया का विचार ही कारगर है. हम इसी पर चल रहे हैं. गांधीजी ने सिद्धांत के बिना राजनीति करने को पहला सामाजिक पाप कर्म बताया है. आजकल लोग कैसे भी चुनाव लड़कर राजनीति में आ रहे हैं. यह राजनीति नहीं है.
राजनीति वही है जिसमें प्रतिबद्धता है. जिस सिद्धांत को सही मानता है उसके प्रति निष्ठा है. आज देश का क्या नजारा है, अधिक से अधिक पारिवारिक पृष्ठभूमि है, उसके आधार पर राजनीति कर रहे हैं.

इसका लाभ देश को नहीं व्यक्ति -परिवार को हो रहा है. नीतीश ने खुद का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी तो कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी. हमारे मन में संकल्प नहीं होता, लोगों के प्रति समर्पण नहीं होता, मन में सेवा का भाव नहीं होता तो हम आज यहां नहीं होते. हम सेवा करने के लिए राजनीति में आये हैं.
31 दिसंबर के पहले हर घर में होगी बिजली

मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि वह स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से लोन लें, कोई लोन लौटा नहीं सकेगा तो उसे माफ कर दिया जायेगा. 2005 के बाद बिहार में हुए विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि 31 दिसंबर से पहले हर घर को बिजली देने का लक्ष्य था.

इसे हम दिसंबर के पहले हफ्ते में ही पूरा कर लेंगे. राज्य की उच्च शैक्षिणक संस्थाओं की स्थापना और उनके नामकरण के पीछे के उद्देश्य का भी जिक्र किया. सीएम ने कहा कि पाटलिपुत्र स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की स्थापना की जा रही है.

यह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बेहतर होगा. पूरी दुनिया में इसका डंका बजेगा. आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में कई कोर्स पूरी दुनिया का ध्यान खींचेंगे. राज्य में जिन प्रखंड में कॉलेज नहीं हैं वहां नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र स्थापित किये जायेंगे . अंत में छात्र -छात्राओं को संकल्प दिलाया कि जिनकी शादी नहीं हुई है वह शादी में दहेज न लेंगे और न देंगे. लड़कियां 18 व लड़के 21 साल से पहले शादी नहीं करेंगे.

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