UPA शासन में अंबानी को मिले प्रॉजेक्ट्स गिनाकर राफेल डील पर जवाब देगी सरकार!

0
154

मोदी सरकार उन प्रॉजेक्ट्स की लिस्ट बना रही है, जो अनिल अंबानी की कंपनियों को यूपीए शासन काल में मिले थे। इसके जरिए सरकार कांग्रेस के इस आरोप का जवाब देना चाहती है कि राफेल डील में ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में मोदी सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस की मदद की।

अधिकारियों ने ईटी को बताया कि शुरुआती पड़ताल से पता चला है कि यूपीए शासन के आखिरी 7 वर्षों में अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप को 1 लाख करोड़ रुपये के प्रॉजेक्ट्स दिए गए थे। रोड ट्रांसपोर्ट ऐंड हाइवेज, टेलिकॉम जैसी मिनिस्ट्रीज के साथ नैशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डिवेलपमेंट अथॉरिटी और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन जैसी सरकारी इकाइयों से जानकारी जुटाई जा रही है।

एक अधिकारी ने बताया, ‘ये सभी प्रॉजेक्ट्स सरकारी एजेंसियों के पास थे। हम इन प्रॉजेक्ट्स के प्रोसेसिंग टाइम पर गौर कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि तय प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।’

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स रेकॉर्ड टाइम में मिल गए थे। उन्होंने कहा, ‘सबसे तेज ग्रोथ रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर में दिखी थी, जो पांच साल में ही 2011 तक इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बन गई थी। 16500 करोड़ रुपये के 12 प्रॉजेक्ट्स शुरू किए गए, जिससे आर-इंफ्रा देश में सबसे बड़ी प्राइवेट रोड डिवेलपर बन गई। इन बातों पर गौर किया जा रहा है।’
एक सीनियर अधिकारी ने बताया, ‘अनिल अंबानी ग्रुप की 6 कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस पावर, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड और रिलायंस मीडियावर्क्स से जुड़ा डेटा जुटाया जा रहा है। प्रॉजेक्ट्स हासिल करने से पहले इनमें से कई कंपनियों को उस क्षेत्र का अनुभव नहीं था।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.