‘इस वजह’ से सनथ जयसूर्या भ्रष्टाचार पर आए आईसीसी के निशाने पर

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पूरा क्रिकेट जगत स्तब्ध है. एक दिन पहले ही यह खबर आई कि इंटरनेशलन क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सनथ जयसूर्या पर भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई (एसीयू) के नियमों के उल्लंघन के उन पर आरोप लगाए हैं. आईसीसी ने जयसूर्या पर भ्रष्टाचार की आचार संहिता के दो नियमों के तहत जयसूर्या पर आरोप लगाए और क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था ने दिग्गज क्रिकेटर से 15 दिन के भीतर उनसे जवाब मांगा है. सोमवार तक यह साफ नहीं था कि आखिर मूल मुद्दा क्या है. लेकिन अब जो खबर सूत्रों के हवाले से आ रही हैं, वह काफी हैरान करने वाली हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जांच कर रही एसीयू (एंटी करप्शन यूनिट) को जयसूर्या ने इस बाबत गलत जानकारी दी कि उनके पास कितने मोबाइल फोन हैं. वहीं, उन्होंने उन्होंने गलत जानकारी देने से पहले अपने एक सिमकार्ड को छिपाने के अलावा अपने एक मोबाइल को भी नष्ट कर दिया. इसके अलावा जब एसीसी ने साल के शुरू में जयसूर्या से संपर्क किया, तो उन्होंने अपना कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यूनिट को सौंपने से इनकार कर दिया. हालांकि, आईसीसी जांच के मूल मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन सूत्रों की मानें, तो यह मामला जुलाई 2017 में हंबनटोटा में श्रीलंका और जिंबाब्वे के बीच खेले गए मुकाबले की जांच से जुड़ा हुआ है. जयसूर्या तब चीफ सेलेक्टर थे और श्रीलंका को सीरीज में 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था. आईसीसी अधिकारियों को इस सीरीज में स्पॉट फिक्सिंग और भ्रष्टाचार की अन्य गतिविधियों को लेकर शक था. और इस मामले की जांच की जा रही थी. इस मामले में जयसूर्या अपने रवैये के चलते आईसीसी के शक के घेरे में आ गए. यही कारण है कि सोमवार को आईसीसी ने एसीयू के दो नियमों के दो आरोपों पर सफाई के लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया. अगर श्रीलंकाई पूर्व दिग्गज दोषी पाया जाता है, तो उन्हें श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी से पांच साल का निलंबन झेलना पड़ सकता है. मतलब इस अवधि में वह दोनों संस्थाओं में किसी भी पद पर नहीं रहेंगे

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