नीतीश की अफसरों को चेतावनी- पटना पुलिस लाइन जैसी घटना फिर कभी बर्दाश्त नहीं

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पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी है कि पटना पुलिस लाइन जैसी घटना फिर कभी नहीं होनी चाहिए। सोमवार को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी केएस द्विवेदी और गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी समेत पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारियों को निवास पर तलब कर अब तक हुई कार्रवाई की पड़ताल की।
मुख्यमंत्री पुलिस मुख्यालय और पटना पुलिस की कार्यशैली पर से भी संतुष्ट नहीं दिखे। मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय में बैठने वाले शीर्ष अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल और परस्पर संवाद कायम करने के साथ-साथ फैसले लेने में तेजी लाने की आवश्यकता जताई। बैठक में डीजीपी ने पटना पुलिस लाइन हंगामा मामले में अबतक की गई कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
एडीजी से सीधा सवाल- स्पीडी ट्रायल के मामलों में तेजी क्यों नहीं आ रही है? : मुख्यमंत्री ने एडीजी मुख्यालय से सीधा सवाल पूछा कि स्पीडी ट्रायल के मामले में तेजी क्यों नहीं आ रही है? क्या इस मामले की गति बढ़ाने के लिए जिलों में तैनात एसपी के साथ नियमित बात होती है? अपराधियों का मनोबल किसी भी हाल में बढ़ना नहीं चाहिए। आखिरकार इस तरह की घटना पुलिस लाइन में घट जाती है और किसी को लंबे समय तक पता नहीं चलता। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मतलब है कि जिले के एसपी पुलिस लाइन का लगातार दौरा नहीं करते हैं। पुलिस लाइन की घटना में जो भी दोषी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जिनको निलंबित किया गया है, उनकी प्रोसिडिंग समय सीमा के भीतर पूरी हो। कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए कि इसका साफ मैसेज जाए। अगर सिपाही अनुशासनहीनता करेंगे तो लोगों के बीच क्या संदेश जाएगा? बैठक में बीएमपी डीजी गुप्तेश्वर पांडेय, डीजी सुनील कुमार, एडीजी मुख्यालय संजीव सिंघल, आईजी नैयर हसनैन खान व डीएम-एसएसपी भी थे।
अब किसी भी पुलिस लाइन में सिपाहियों की ट्रेनिंग नहीं होगी, राजगीर में है जगह : मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि सिपाहियों की ट्रेनिंग अब किसी भी पुलिस लाइन में नहीं होगी। बीएमपी को चिन्हित कर जहां भी मूलभूत सुविधा है, वहीं नए रंगरूटों की ट्रेनिंग कराई जाएगी। राजगीर में भी काफी जगह है, वहां भी ट्रेनिंग कराई जा सकती है।
पटना पुलिस लाइन के 20 अधिकारी समेत 92 बदले : सिपाहियों के हिंसक उपद्रव के बाद बदले हालात में पुलिस लाइन में पोस्टेड 92 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। सोमवार की देर शाम पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर दिए। इसके तहत 20 अफसरों (एसआई व एएसआई) के अलावा 11 हवलदार व 61 सिपाही दूसरे जिलों में भेजे गए हैं। ये पुलिसकर्मी लंबे समय से पुलिस लाइन में पोस्टेड रहे हैं।
इन अफसर व जवानों को 10 नवंबर तक विरमित करने के आदेश दिए गए हैं। इस पर हुए अमल के संबंध में 12 तक मुख्यालय को रिपोर्ट देने का निर्देश एसएसपी मनु महाराज को दिया गया है। एडीजी (मुख्यालय) संजीव कुमार सिंघल के मुताबिक आईजी नैयर हसनैन खान की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है। बीते शुक्रवार को ट्रेनी महिला सिपाही की मौत के बाद पुलिस लाइन में हुई हिंसक वारदात के बाद आईजी को जांच के आदेश दिए थे। यह थी घटना: शुक्रवार को पटना पुलिस लाइन में सविता नाम की एक महिला पुलिसकर्मी की डेंगू के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर दिया था। उनका आरोप था कि पुलिस लाइन से महिला पुलिसकर्मी को छुट्‌टी नहीं दी गई थी। बवाल के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसपी-डीएसपी को पीटा था।

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