दीपावली में आज बन रहा दुर्लभ संयोग

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पटना। दीपों का त्‍योहार दीपावली आज धूमधाम से मनाया जा रहा है। दीपावली में इस बार दुर्लभ शुभ संयोग भी बन रहा है। इस बार अमावस्या तिथि पर महानिशीथ काल का अभाव है, जिस कारण निशा पूजा स्थिर लग्न सिंह में की जाएगी। दीपावली के दिन मां लक्ष्मी के विविध स्वरूपों की विभिन्न सामग्री के साथ पूजा का विशेष फल होता है।
ग्रह-नक्षत्रों का शुभ संयोग
कार्तिक महीने की अमावस्या तिथि बुधवार को दीपावली श्रद्धा और उल्लास के साथ पूरे देश में मनाई जा रही है। कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित राकेश झा ने बताया कि इस बार दीपावली 59 साल बाद आयुष्मान एवं सौभाग्य योग में मनेगी। बुधवार को स्वाति नक्षत्र एवं मंगलकारी त्रिवेणी योग में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना धूमधाम से हो रही है।
पंडित झा ने बताया कि दीपावली पर ग्रह-नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। 59 वर्षों बाद स्वाति नक्षत्र में पूजा विशेष फलदायी होगी। इस योग में माता लक्ष्मी की पूजा सुख, शांति, समृद्धि, धन-संपदा और सामर्थ्‍य में वृद्धि करने वाली है। उन्‍होंने बताया कि इसके पहले वर्ष 1959 में एक नवंबर के दिन त्रिवेणी संयोग में दीपावली की पूजा हुई थी।
इन चीजों के साथ करें मां की पूजा
दीपावली के दिन मां मां लक्ष्मी के विविध स्वरूपों की पूजा विभिन्न सामग्री के साथ करने का विशेष फल है। पंडित झा ने कहा कि दीपावली के दिन मां लक्ष्मी को पुष्प, कमल, कमलगट्टा अर्पण करने के साथ विशेष पूजा कर आशीष प्राप्त कर सकते हैं। इन चीजों को श्रद्धापूर्वक अर्पण करने से मां की कृपा भक्तों पर बनी रहती है।
पंडित झा ने कहा कि 59 वर्षों बाद मंगलकारी त्रिवेणी योग होने से इस बार की दीपावली खास है। लोगों को मनचाही सफलता मिलेगी, साथ ही उनके साथ सारे काम सिद्ध होंगे। आयुष्मान योग में किया गया शुभ कार्य लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करता है। साथ ही लक्ष्मी योग में माता लक्ष्मी की पूजा से भौतिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। दीपावली के दिन लक्ष्मी योग में पूजा होगी। इस दिन तुला राशि में जिसे सुख, समृद्धि तथा वैभव प्रदान करने वाला माना गया है, शुक्र, चंद्रमा एवं सूर्य तीनों ग्रह विद्यमान रहेंगे। इन तीनों के एक साथ मिलन से बना दुर्लभ लक्ष्मी योग लोगों के लिए लाभप्रद होगा।
लक्ष्मी पूजन और दीपदान के शुभ मुहूर्त
लाभ योग:
सुबह – 6.36 बजे से 7.59 बजे तक
दोपहर – 4.16 बजे से शाम 5.39 बजे तक
अमृत योग:
सुबह – 7.59 बजे से 9.22 बजे तक
रात्रि – 8.54 बजे 10.31 बजे तक
शुभ योग:
दोपहर – 10.44 बजे से 12.07 तक
शाम – 7.16 बजे से रात्रि 8.54 बजे तक
स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा:
वृश्चिक लग्न – सुबह 7.21 बजे से 9.37 बजे तक
कुंभ लग्न – दोपहर 1.05 बजे से 2.35 बजे तक
वृष लग्न – शाम 5.41 बजे से रात्रि 7.38 बजे तक
सिंह लग्न – मध्य रात्रि 12.09 बजे से 2.23 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर – 11.11 बजे से 11.55 बजे तक
प्रदोषकाल – शाम 5.29 बजे से 7.39 बजे तक
महानिशीथ काल मुहूर्त – रात्रि 11.44 बजे से मध्यरात्रि – 12.32 बजे तक
राशि के अनुसार मां की पूजा
कर्मकांड विशेषज्ञ पंडित विनोद झा वैदिक ने कहा कि दीपावली के दिन राशि के अनुसार करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी। पंडित विनोद झा ने कहा कि मेष राशि वाली गोधूली बेला में मां लक्ष्मी की पूजा करें। लाल गुलाब, लाल मिठाई एवं लाल कपड़े पहन कर पूजा करें। वृष और तुला राशि वाले सफेद वस्त्र पहनें तथा सफेद मिठाई मां को भोग लगाएं। मिथुन कन्या राशि वाले हरे कपड़े पहन कर हरे वस्तु एवं मूंग आदि से बने मिष्ठान मां को अर्पित करें। धनु व मीन राशि वाले लोग पीला कपड़ा पहन कर पीली मिठाई एवं चना दाल, केला आदि मां को अर्पित कर पूजन करें।
इन मंत्रों का करें पाठ
पंडित झा ने कहा कि दीपावली की रात देवी सूक्त एवं श्रीसूक्त का पाठ करने के साथ धन वृद्धि के लिए अनार और कमल पुष्प चढ़ाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। धन प्राप्ति के लिए ‘ऊं ह्रीं श्रीं श्रीं महालक्ष्मी नम:’, विद्या प्राप्ति के लिए ‘ऊं ऐं’ तथा व्यापार में वृद्धि के लिए ‘ऊं गं गं श्रीं श्रीं श्रीं मातृ नम:’ का पाठ करें।

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