सिर्फ किंगफिशर ही नहीं बल्कि बीते दो दशक में 12 विमानन कंपनियां हो गई बंद!

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नई दिल्‍ली, जेट एयरवेज के विमानों की उड़ानें लगातार रद होने और नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल के इस्‍तीफा देने के बाद से सभी का ध्‍यान विमानन इंडस्‍ट्री की तरफ है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि नरेश गोयल जेट एयरवेज के संस्‍थापक हैं और उन्‍होंने पंजाब नेशनल बैंक से लोन लेने के लिए कंपनी में अपनी 26 फीसद हिस्सेदारी (2.95 करोड़ शेयर्स) को गिरवी रखा है।

जमीन पर जेट के 79 विमान

वर्तमान में जेट एयरवेज के 79 विमान परिचालन से बाहर हो गए हैं। कंपनी के फिलहाल 9 विमान ही सेवा में है। विमानों को परिचालन से बाहर करने की वजह किराया न दे पाना है। इसकी वजह से न सिर्फ कंपनी खतरे में हैं बल्कि इससे जुड़े लोगों की नौकरियों पर भी संकट की स्थिति बनी हुई है। इन कंपनियों को लेकर लोगों की आम धारणा है कि बीते कुछ वर्षों में इस तरह के हालात जेट ही नहीं बल्कि कई दूसरी कंपनियों के सामने भी आए हैं। इस धारणा पर यदि गौर किया जाए तो यह बि‍ल्‍कुल सही नजर आती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि बीते 21 वर्ष के दौरान करीब 12 विमानन कंपनियां बंद हो चुकी हैं।

इनके अलावा कई विमानन कंपनियां कर्ज के दबाव में वक्‍त काट रही हैं। जिसमें देश की एयर इंडिया भी शामिल है। आपको बता दें कि एयर इंडिया पर करीब 55 हजार करोड़ का कर्ज है। वहीं कंपनी 53 हजार करोड़ से अधिक के नुकसान में है। यह आंकड़े बेहद चौंकाने वाले लगते हैं।

आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि आखिर वो कौन सी एयरलाइंस हैं जो बीते 21 वर्षों में बंद हो गई हैं। वायुदूत 1981-89, सहारा एयरलाइंस 1991-2007, ईस्‍ट-वेस्‍ट एयरलाइंस 1992-1996, एनईपी 1993-1997, दमानिया एयरवेज 1993-1997, मोदीलुफ्त 1993-1996, अर्चना एयरवेज 1993-2000, एयर दक्‍कन 2003-2007, एमडीएलआर 2007-2009, एयर पेगसस 2015-16, किंगफिशर 2005-2010, पेरामाउंट 2005-10 की सेवाएं पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं।

जहां तक जेट एयरवेज की बात है तो आपको बता दें कि जेट एयरवेज में हिस्सा खरीदने के लिए एतिहाद एयरलाइंस राजी हो गई है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक एतिहाद ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा करा दिया है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि वर्तमान में जेट एयरवेज में एतिहाद की 24 फीसद हिस्सेदारी है।

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