यूपी: प्रियंका गांधी का PM पर निशाना, कहा ‘नरेंद्र मोदी को मेरे परिवार के बारे में बात करने की सनक है’

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कानपुर: प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम को मेरे परिवार के बारे बोलने की सनक है. ये लोग कहते है नेहरु, इंदिरा राजीव गांधी ने क्या किया है. ये नहीं बता रहे है कि इन 5 सालों में हमने क्या किया है. प्रियंका गांधी बुधवार को फतेहपुर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी राकेश सचान के समर्थन में खागा जनसभा को संबोधित करने पहुंची थीं. मंच से प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री की जमीनी राजनीति ख़त्म हो चुकी है. प्रधानमंत्री अब जनता के बीच नहीं जाते हैं विदेशी दौरों पर ज्यादा रहते हैं.

प्रियंका गांधी ने नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और ललित मोदी पर के विदेश भागने पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया. बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि सीएम योगी ने कहा था जेल के मैदान में आवारा पशु डाले जाएंगे लेकिन जेल जाने वाले विदेश चले गए. उन्होंने कहा कि अमीरों के चौकीदार होते हैं, गरीबों के नहीं- उन्हें तो रात भर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है. जुमलेबाजों ने हम पर जुमलेबाजी का इल्जाम लगाया है, जब चुनाव आते हैं तो पाकिस्तान की बात करने लगते हैं. मेरे परिवार पर हमला करने लगते हैं.

प्रधानमंत्री झूठा प्रचार कर रहे हैं. बीजेपी की जो रणनीति है वो कांग्रेस से बिल्कुल अलग है. मनरेगा को पूरी तरह से ख़त्म करने की योजना है. इसके साथ ही नोटबंदी करके इस सरकार ने सिर्फ उद्योगपतियों को बढ़ाने का काम किया है.

प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का किसान आवारा पशुओं से परेशान है. आवारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं. किसान पूरी-पूरी रात फसलों की रखवाली करने को मजबूर है. बेरोजगारी का अकड़ा लगातार बढ़ता चला जा रहा है. दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाले बताए उसने किसको रोजगार दिया है. इन्होंने सिर्फ छीनने का काम किया है. सरकार ने काला धन वापस लाने की बात कह कर नोटबंदी की थी लेकिन कोई भी काला धन वापस नहीं आया. 550 हजार करोड़ रूपया प्रधानमंत्री ने बड़े उद्योगपतियों का माफ़ किया है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने 15 लाख रूपए देने को कहा था लेकिन किसी के खाते में कुछ आया क्या? हमारा घोषणा पत्र आने के बाद बीजेपी के लोग चिल्लाने लगे कि ये 72 हजार रूपए कहां से देंगे. अमेठी में मुझे एक किसान मिला हमने उससे पूछा आप को बीमा मिला तो फूट-फूट कर रोने लगा. किसान ने बताया कि मुझे बीमा नहीं मिला है. बड़े उद्योगपतियों को बीमा से 10 हजार करोड़ रूपए का फायदा मिलता है.

भदोही में एक नदी थी जहां कुछ महिलाओं ने नदी में पुल बनाने को कहा तो मैं इस पुल को बनाने के लिए नहीं कह पाई क्योंकि इस सरकार में यह पुल बन नहीं पाएगा. जो झूठ बोलता है, काम नहीं करता उसकी सरकार अब मत बनाइए. बीजेपी को सबक सिखाइए. यह लोकतंत्र को दुर्बल बनाना चाहती है जो आवाज उठता है उसकी पिटाई की जाती है. एक शिक्षिका अध्यापिका की वेतन मांगने पर पिटाई की गई, जनता प्रदर्शन व अधिकार मांगती तो पिटाई की जाती है.

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