प्रैक्टिस के लिए मैदान पर खिलाड़ी पहुंचते थे देरी से, धोनी ने निकाली ऐसी तरकीब, आजतक नहीं हुआ कोई लेट

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नई दिल्ली: अपने विरोधियों को एमएस धोनी अक्सर अपनी क्विक थिंकिंग की बदौलत मात दे देते हैं, तो वहीं फील्ड सेट और गेंदबाजी बदलने के मामले में भी अभी तक उन जैसा कोई कप्तान नहीं दिखा. धोनी को कैप्टन कूल इसलिए कहा जाता है क्योंकि वो अक्सर शांत होकर अपने साथी खिलाड़ी या दूसरों को सबक सिखा देते हैं. भारत के पूर्व मेंटल कंडिश्निंग कोच पैडी अपटन ने एमएस धोनी और उनके साथ खिलाड़ियों के बारे में अपनी किताब ‘बेयरफुट’ में कई रोचक बाते बताई हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा खिलाड़ी या चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों की जब भी बात होती है तो महेंद्र सिंह धोनी काफी अनुशासित रहते हैं. पैडी अपटन जब साल 2008 में भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे तो उन्होंने सभी खिलाड़ियों से एक राय ली थी. इसमें ये कहा गया था कि अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर या प्रैक्टिस के दौरान लेट पहुंचता है तो उसके साथ क्या करना चाहिए? बता दें उस दौरान टेस्ट टीम के कप्तान अनिल कुंबले थे तो वहीं वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी. दोनों कप्तानों के दिमाग में कुछ आइडिया आए लेकिन धोनी का आइडिया थोड़ा ट्विस्ट भरा था.

अपटन ने कहा, ”जब मैंने भारतीय टीम को ज्वाइन किया था तो अनिल कुंबले टेस्ट की कप्तानी संभाल रहे थे और धोनी वनडे की. हमारे बीच स्वशासी प्रोसेस था. तो हमने ये कहा कि क्या खिलाड़ियों के लिए ये जरूरी नहीं है कि वो टीम मीटिंग्स और दूसरी चीजों में कभी देरी से न पहुंचे? इसपर सभी ने हामी भरी और हमारी बात मानी.

अनिल कुंबले से पूछा गया कि इसके लिए उन्हें क्या करना चाहिए तो उन्होंने जवाब दिया कि, अगर कोई खिलाड़ी लेट होता है तो उसपर 10,000 रूपये का जुर्माना कर देना चाहिए. लेकिन धोनी के दिमाग में यही बात थोड़े ट्विस्ट के साथ आई. धोनी ने कहा कि उस खिलाड़ी के अलावा जितने मैदान पर मौजूद हैं वो भी 10,000 रूपये देंगे. यानी की अगर एक खिलाड़ी देरी से पहुंचता है तो टीम में मौजूद सभी खिलाड़ियों को भी दस-दस हजार रूपये देने होंगे.

अपटन ने कहा कि जब टेस्ट के लिए ये नियम बनाए गए तो उसी दौरान वनडे टीम के लिए भी धोनी ने ये नियम बना दिए. अपटन ने इसके आगे कहा कि उस दिन के बाद वनडे टीम में कोई खिलाड़ी लेट नहीं हुआ.

अनिल कुंबले ने साल 2008 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था तो वहीं एमएस धोनी भी अब तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हट चुके हैं. धोनी वही कप्तान हैं जिन्होंने साल 2007 में भारत को विश्व विजेता बनाया तो वहीं 2011 वर्ल्ड कप और 2013 के चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भी धोनी ही कप्तान थे. धोनी की कप्तान में ही भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नंबर 1 बनी थी.

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