बागी विधायकों पर यथास्थिति का आदेश, फैसला मंगलवार को

0
29

नई दिल्ली, सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कर्नाटक के बागी कांग्रेस व जद (एस) के विधायकों की 10 जुलाई की याचिका पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कर्नाटक के 10 कांग्रेस विधायकों की याचिका के संबंध में यथास्थिति का आदेश दिया।

बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है और इसे मंगलवार (16 जुलाई) के लिए सूचीबद्ध किया गया।

अदालत ने कहा, “इस मामले में संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या के विभिन्न मुद्दे सामने आते हैं। न्यायिक हस्तक्षेप का भी सवाल उठता है। अगर विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्य ठहराने का फैसला करने की जरूरत होती है, तो इसकी भी जांच की जानी चाहिए।”

सुनवाई के दौरान, अदालत में बड़ी निर्णायक बहस छिड़ गई। बागी विधायकों के लिए अपील करते हुए, वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को फैसला करने के लिए एक या दो दिन का समय दिया जा सकता है, लेकिन वह शीर्ष अदालत के अधिकार को चुनौती नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत को अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करना चाहिए, क्योंकि वह आदेश के बावजूद विधायकों के इस्तीफे के फैसले पर जानबूझकर देरी कर रहे हैं।

अदालत ने गुरुवार को अध्यक्ष को एक दिन के अंदर इस्तीफे के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए कहा था।

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एम. सिंघवी ने कहा कि अध्यक्ष विधानसभा का वरिष्ठ सदस्य है और वह पहले अयोग्यता पर फैसला करेंगे, क्योंकि वह कर्तव्यबद्ध हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने विधायकों द्वारा दायर याचिका को ‘एक अति राजनीतिक याचिका’ के रूप में वर्णित किया और विधायकों द्वारा याचिका में मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया।

धवन ने पूछा कि वास्तव में विधायक अदालत से क्या चाहते हैं? उन्होंने कहा, “वे दावा करते हैं कि सरकार विफल रही है, और अब वे चाहते हैं कि यह आगे भी विफल हो। उन्होंने शीर्ष अदालत को केवल इस राजनीतिक लड़ाई में खींच लिया है।” 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.