बिहार के बाहर अब दूसरे प्रदेशों में भी अपनी ताकत बढ़ाएगा जदयू

0
1070

जदयू ने बिहार के अलावा अन्य राज्यों में अपनी ताकत बढ़ाने का निर्णय लिया है। फिलहाल जदयू ने चार राज्यों-मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपनी सक्रियता बढ़ाई भी है। वरिष्ठ नेता इन राज्यों में कैंप कर रहे हैं। बिहार में लागू हुई शराबबंदी को सामाजिक बदलाव के लिए बड़ी पहल के रूप में इन राज्यों में पेश किया जा रहा है। इन राज्यों में आने वाले दिनों में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार सभाएं करेंगे। शुरुआत पांच भाजपा शासित राज्यों से हुई है, जहां इनकी पार्टी जदयू सक्रिय हो गई है। इन राज्यों में से एक गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि अन्य तीन राज्य-राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में अगले वर्ष चुनाव होने हैं। इनके अलावा महाराष्ट्र में भी जदयू सक्रिय हुआ है जबकि वहां चुनाव में अभी देर है। इन पांचों राज्यों के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से नीतीश कुमार ने प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं। महाराष्ट्र की जिम्मेदारी राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक को सौंपी गई है, जबकि राजस्थान और गुजरात का प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार को बनाया गया है। छत्तीसगढ़ के लिए राष्ट्रीय सचिव रवींद्र सिंह और मध्य प्रदेश के लिए राष्ट्रीय महासचिव विद्या सागर निषाद को प्रभारी नियुक्त किया गया है। पिछले 30 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जदयू का राज्य कार्यालय भी खुला है, जिसका उद्घाटन पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने किया था। नीतीश कुमार रायपुर में 26 मार्च को एक रैली को संबोधित कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के प्रभारी रवींद्र सिंह ने बताया कि अंबेडकर जयंती पर 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में शराबबंदी के पक्ष में हस्ताक्षर अभियान शुरू हुआ है। गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को शराबबंदी की मांग संबंधी ज्ञापन के साथ इन हस्ताक्षरों के संग्रह को संबंधित राज्यपालों को सौंपा जाएगा। 28 अप्रैल से लेकर अबतक मध्य प्रदेश के खजुराहो, पन्ना, सागर, रायसन , भोपाल, इंदौर, रतलाम एवं झाबुआ में जदयू नेताओं ने सभाएं की हैं। पिछले सप्ताह राजस्थान के तीन जिलों-बासवाड़ा, डोंगरपुर एवं प्रतापगढ़ के जदयू कार्यकर्ताओं का सम्मेलन बासवाड़ा में आयोजित किया गया। महाराष्ट्र में 22 अप्रैल को गोरेगांव में खुद नीतीश कुमार पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित कर चुके हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए नीतीश कुमार कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने में लगे हैं। इस बीच भाजपा को उसके ही गढ़ में कमजोर करने की जदयू ने रणनीति बनाई है। इसी उद्देश्य से भाजपा शासित राज्यों में जदयू ने सक्रियता बढ़ाई है। कोशिश होगी कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को कमजोर किया जाए ताकि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के लिए जमीन तैयार की जा सके। जदयू कार्यकर्ता इन राज्यों में बिहार के मुख्यमंत्री की हैसियत से नीतीश कुमार की उपलब्धियों की चर्चा कर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। रवींद्र सिंह के मुताबिक, नीतीश कुमार के प्रति लोगों में बहुत आकर्षण देखा जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.