लूट की डर से कश्मीर के बैंक की 40 ब्रांचे हुई कैशलेस

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Jammu (SPK News Desk): दक्षिण कश्मीर में उग्रवादियों द्वारा बैंकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को देखते हुए पुलवामा और शोपियां जिलों के संवेदनशील इलाकों में करीब 40 बैंक शाखाओं पर नकद लेन-देन पर रोक लगा दी गई है. हालांकि, बैंक शाखाओं में नकदी रहित लेनदेन और एटीएम सेवाएं जारी रहेंगी.
इन इलाकों के लोग निकट की दूसरी प्राधिकृत बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन भी कर सकेंगे. यह कदम सुरक्षा एजेंसियों द्वारा परामर्श जारी करने के बाद उठाया गया है. इन दो जिलों के संवेदनशील इलाकों में काम करने वाले बैंकों से अपनी शाखाओं पर नकद आपूर्ति बंद करने के लिए कहा गया है क्योंकि इन पर हमला होने की संभावना ज्यादा है.
जम्मू एंड कश्मीर बैंक और इलाकाई देहाती बैंक की शाखाओं ने नकद लेनदेन को रोक दिया है. गौरतलब है कि हाल ही में उग्रवादियों ने इन बैंकों की शाखाओं को निशाना बनाया था. जम्मू एंड कश्मीर बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हालांकि, एटीएम सहित अन्य बैंकिंग सेवाएं इन इलाकों में चालू रहेंगी.
40 बैंकों में कैश ट्रांजैक्शन बंद
साउथ कश्मीर में 40 बैंकों में कैश ट्रांजैक्शन बंद कर दिया गया है. इनमें पुलवामा और शोपियां के सेंसिटिव इलाकों की कई ब्रांच भी शामिल हैं. दोनों जिलों में लगातार कैश लूटने की घटनाएं सामने आने के बाद सिक्युरिटी एजेंसियों ने इस बारे में एडवाइजरी जारी की है. जम्मू-कश्मीर बैंक और इलाकाई देहाती बैंकों की ब्रांचों में कैश ट्रांजैक्शन बंद कर दिया गया है. बता दें कि 6 महीनों के दौरान 13 बैंकों से 92 लाख रुपए लूटे गए हैं.
एजेंसी से मिले इनपुट के बाद बंद हुआ कैश ट्रांजैक्शन
इक अफसर ने बताया कि हमें सिक्युरिटी एजेंसी ने बताया कि कैश लूटने जैसी और वारदात को आतंकी अंजाम दे सकते हैं. इसलिए जिन ब्रांचों को एजेंसियों ने सेंसिटिव बताया है, वहां कैश ट्रांजैक्शन बंद कर दिया गया है. अफसर ने कहा, “कैश ट्रांजैक्शन पर बैन का फैसला कुछ दिनों के लिए है. जब तक बैंक, इम्प्लॉई और संपत्ति की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा लिए जाते, ये बैन लागू रहेगा.
आतंकियों के हमले में 5 पुलिस जवानों की मौत
1 अप्रैल को पुलवामा के दमहाल हांजीपोरा इलाके में आतंकियों ने कैश वैन पर हमला किया था. इस हमले में 5 पुलिसवाले और बैंक के 2 सिक्युरिटी गार्ड मारे गए थे.  फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, “ऐसी घटनाओं को देखते हुए हमें खास सुरक्षा इंतजामों की जरूरत है. निगरानी अच्छी बात है, लेकिन इससे मौके पर मौजूद सिक्युरिटी गार्ड की कमी नहीं पूरी हो सकती है.
कैश के साथ हथियार भी लूटे
पिछले छह महीनों में आतंकियों ने 13 बैंकों से 92 लाख रुपए लूटे. साथ ही, सुरक्षा बलों से दो दर्जन से ज्यादा हथियार लेकर भाग निकले. नोटबंदी के बाद बैंकों में लूट की काफी घटनाएं हुई हैं. सिर्फ एक घटना 28 अक्टूबर को हुई थी, जब पुलवामा के बैंक से सात लाख रूपए लूटे गए. इसके बाद नवंबर में मलपोरा तथा किश्तवाड़ में लूट हुई.
किश्तवाड़ से 40 लाख और मलपोरा कश्मीर से 14 लाख रुपए लूटे गए. दिसंबर में अरीहाल कुलगाम से 8 लाख, रतनीपोरा पुलवामा से 11 लाख रुपए की लूट हुई. फरवरी में शोपिया बैंक से 3 और बड़गाम से दो लाख लूटे गए अप्रैल में भी एक घटना हुई. अनंतनाग में बैंक लूटने के लिए आए दो आतंकियों में से एक को पकड़ लिया गया.

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