हुर्रियत नेताओं के खिलाफ कमांडर जाकिर मूसा के बयान से हिज्बुल मुजाहिदीन ने झाड़ा पल्ला

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आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन ने अपने कमांडर जाकिर मूसा के हुर्रियत नेतृत्व के खिलाफ बयान से खुद को अलग कर लिया, जिससे आतंकी संगठन में मतभेद का संकेत मिलता है। हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रवक्ता सलीम हाशमी ने शनिवार को पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद से एक बयान में कहा, ‘मूसा के बयान से संगठन का कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह स्वीकार्य है।’ मूसा के ऑडियो बयान को ‘निजी मत’ करार देते हुए हाशमी ने आगाह किया कि भ्रम पैदा करने वाला कोई भी बयान या कदम ‘संघर्ष के लिए ताबूत में अंतिम कील साबित हो सकता है।’ बता दें कि मूसा के बयान से संबंधित पांच मिनट का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऑडियो में मूसा को धमकी देते सुना जा सकता है। मूसा कहा रहा है, ‘मैं सभी ढोंगी हुर्रियत नेताओं को चेतावनी देता हूं कि वे हमारे इस्लाम के ‘संघर्ष’ में बिल्कुल हस्तक्षेप न करें। अगर वो ऐसा करेंगे तो हम उनका सिर काटकर उसे लाल चौक पर लटका देंगे।’ इसमें वह अलगाववादी नेताओं को धमकी देता है कि वे सीरिया और इराक में आईएसआईएस की स्थापित व्यवस्था के अनुरूप जम्मू-कश्मीर में खलीफा स्थापित करने के उनके उद्देश्य में दखल न दें। हाशमी ने कहा कि संगठन मूसा के बयान पर विचार कर रहा है और जारी संघर्ष के हित में ‘कोई कदम उठाने या बलिदान देने से नहीं हिचकिचाएगा ।’
राज्य के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने कहा कि पुलिस ने ऑडियो की आवाज की जांच कराई और पाया कि ऑडियो में आवाज मूसा की ही है। ऑडियो क्लिप ऐसे समय सामने आई है जब हुर्रियत नेताओं ने घाटी में आईएसआईएस की विचारधारा के प्रभाव को हाल में कमतर करना चाहा है। इस सप्ताह के शुरू में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और यासीन मलिक जैसे हुर्रियत नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर संघर्ष का आईएसआईएस, अलकायदा तथा ऐसे अन्य संगठनों से कोई लेना-देना नहीं है। हाशमी ने कहा, ‘समूचे नेतृत्व’ ने पिछले साल जुलाई में हिज्बुल मुजाहिदीन के (आतंकी) बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सभी मोर्चों पर एकता प्रदर्शित की एवं ‘आजादी और इस्लाम के लिए’ जारी ‘संघर्ष’ को आगे ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। उसने कहा, ‘ऐसी स्थिति में, भ्रम पैदा करने वाला कोई बयान या कदम संघर्ष के लिए ताबूत में अंतिम कील साबित होगा।’
कौन है जाकिर मूसा?
हिज्बुल आतंकी बुरहान वानी के सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के बाद जाकिर मूसा घाटी में हिज्बुल का सरगना बना था। वानी की तरह मूसा भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए करता है। हाल के दिनों में उसने कई ऑडियो और विडियो सोशल मीडिया पर डाले हैं। कश्मीर में कुछ दिन पहले एकसाथ 30 आतंकियों का एक विडियो भी सामने आया था।

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