झारखंड में नक्सलियों का बंद, हजारीबाग स्टेशन के पास उड़ाई पटरी, गिरिडीह में फूंकी गाड़ी

0
1268

झारखंड में बीती रात नक्सलियों का तांडव देखने को मिला. रविवार की रात करीब 12.40 बजे गया-धनबाद रूट पर हजारीबाग स्टेशन के पास नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया.

रेल सेवाओं पर असर
नक्सलियों ने इस हमले के लिए चिचाकी और कर्माबांध स्टेशन के बीच ट्रैक को चुना. इसके चलते हावड़ा-नई दिल्ली रेल लाइव सेवा बाधित हो गई है. इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल रोकनी पड़ी है. राजधानी एक्सप्रेस समेत कई गाड़ियां पास के स्टेशनों में फंस गई हैं. रेलवे के अधिकारी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए हैं. घटना के बाद पटरी को ठीक करने का काम किया जा रहा है.

गाड़ी को लगाई आग
इसके अलावा माओवादियों ने गिरिडीह डुमरी मार्ग पर एक बोलेरो गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. ये घटना सुबह करीब 3 बजे की है. इसके बाद सड़क पर करीब 3 घंटे जाम रहा. नक्सलियों ने बिरनी के गारागुरो इलाके में एक निर्माणाधीन सड़क पर तीन मशीनों को जला दिया.

24 घंटे के बंद का ऐलान
झारखंड के नक्सलियों ने 29 मई की रात से 1 दिन के बंद का ऐलान किया है. वो सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन और आदिवासी जमीन के सरकारी अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं. नक्सलियों ने चेतावनी दी है कि बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी भी दूसरे वाहन को चलने नहीं दिया जाएगा. बंद के चलते नक्सल-प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कड़ी की गई है.

बंद के सहारे संगठन में जान फूंकने की कोशिश
हाल के दिनों में माओवादियों के कई शीर्ष कमांडरों ने या तो सुरक्षाबलों के सामने आत्म-समर्पण कर दिया है या फिर वे मुठभेड़ में मारे गए हैं. वहीं संगठन के कई शीर्ष नेताओं के घरों की कुर्की जब्ती भी हुई है, जिससे यह पता चलता है कि इनका परिवार बेहद रईसी में रह रहा है. ऐसे में लोगों का इन संगठनों से मोहभंग होने लगा है. इसकी वजह से माओवादी और नक्सली काफी परेशान हैं. हाल के दिनों में नक्सलवाद पर केंद्र ने भी सख्ती के साथ पेश आना शुरू कर दिया है. नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए कई अहम फैसले भी लिए हैं. इसमें हेलिकॉप्टर और ड्रोन का उपयोग करना मुख्य है. साथ ही नक्सल ऑपरेशन के लिए राज्यों के बीच एकीकृत कमान को और मजबूत बनाने की बात शामिल है.

क्या है सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन?
झारखंड सरकार ने पिछले साल नवंबर में संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम-1949 (एसपीटी एक्ट) और छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम-1908 (सीएनटी एक्ट) में संशोधन किया था. इन संशोधनों के जरिये कृषि भूमि के उपयोग को विनियमित किया गया है. संशोधनों के बाद सरकार को ऐसी जमीन को उद्योगों के लिए मुहैया करवाने की छूट मिली है. कई विपक्षी पार्टियां भी इस कदम का विरोध कर रही हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.