आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017, ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड: दो पड़ोसियों की टक्कर

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चैंपियंस ट्रॉफी में 2 जून को ग्रुप ए के दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की टक्कर न्यूजीलैंड से होगी. दोनों ही पड़ोसी मुल्क जीत से टूर्नामेंट का आगाज करना चाहेंगे. हालांकि ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा थोड़ी भारी लग रहा है लेकिन कीवी टीम में भी कई मैच विनर खिलाड़ी हैं.

कंगारू टीम में भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपने दम पर मैच का रुख पलटने का माद्दा रखते हैं. ऑस्ट्रेलिया की टीम काफी संतुलित और मजबूत नजर आ रही है. टीम के पास क्रिस लिन, डेविड वॉर्नर और फिंच के रूप में विस्फोटक बल्लेबाज हैं, तो वहीं तीसरे नंबर पर स्टीवन स्मिथ के रूप में दुनिया का सबसे शानदार बल्लेबाज है. इसके अलावा टीम के मध्यक्रम में ट्रैविस हेड, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू वेड जैसे धुरंधर हैं. वैसे अभी ये साफ नहीं है कि वॉर्नर के साथ सलामी बल्लेबाजी कौन करेगा.

गेंदबाजी में भी टीम के पास एक से बढ़कर एक धुरंधर हैं. जेम्स पैटिंसन के आने से टीम की गेंदबाजी और मजबूत हुई है. पैटिंसन के अलावा टीम के पास मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और स्पिनर एडम जाम्पा हैं. इन सभी गेंदबाजों का हालिया प्रदर्शन शानदार रहा है. ऐसे में टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही काफी मजबूत नजर आ रही है

भले ही ऑस्ट्रेलियाई टीम सबसे मजबूत नजर आ रही है. इसके बावजूद टीम की कुछ कमजोरियां हैं जो उनके लिए खतरा पैदा कर सकती हैं. मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड चोटिल होने के बाद सीधा चैंपियंस ट्रॉफी में वापसी करेंगे, ऐसे में इतने बड़े टूर्नामेंट में वापसी करना दोनों के लिए आसान नहीं रहेगा. इसके अलावा टीम के पास एडम जाम्पा के रूप में एक ही स्पिन गेंदबाज है और जाम्पा का राष्ट्रीय टीम के साथ इंग्लैंड का ये पहला दौरा है.

वहीं न्यूजीलैंड के दो स्टार खिलाड़ियों पर टीम की जीत का दारोमदार रहेगा. इनमें पहले खिलाड़ी हैं कप्तान केन विलियमसन. आईसीसी वनडे रैंकिंग में नौवें स्थान पर मौजूद विलियमसन अपना दूसरा चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट खेल रहे हैं. उन्होंने 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में तीन मैचों में 50.50 की औसत से 101 रन बनाए थे.

पिछले सीजन में न्यूजीलैंड तीन में से केवल एक ही मैच जीत पाई थी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. 2013 से लेकर 2017 तक विलियमसन के खेल में काफी बदलाव आया है. पिछले एक साल में कीवी कप्तान ने 18 वनडे मैचों में 40.88 की औसत से 695 रन बनाए हैं जिनमें एक शतक भी शामिल है. बल्लेबाजी के अलावा विलियमसन बतौर कप्तान भी टीम में अपना योगदान देंगे।

वहीं न्यूजीलैंड के दूसरे अहम खिलाड़ी हैं तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट. इंग्लैंड की पिचों पर तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है और बोल्ट ऐसे में कीवी टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं. बोल्ट ने पिछले एक साल में 16 वनडे मैचों में 28 विकेट चटकाए हैं. वनडे में उनकी इकॉनोमी रेट (5.28) भी सही है. हालांकि वह भारत के खिलाफ अभ्यास मैच में केवल एक ही विकेट ले पाए थे लेकिन इससे उनकी प्रतिभा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. बोल्ट इस समय गेंदबाजों की वनडे रैंकिंग में चौथे स्थान पर हैं. इसके अलावा मार्टिन गप्टिल, कोरी एंडरसन और रोस टेलर जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी है. गेंदबाजी में साउदी भी अहम योगदान दे सकते हैं.

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