जलवायु परिवर्तन की रफ्तार थामने को अमेरिका प्रतिबद्ध

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वाशिंगटन,। पेरिस करार से अमेरिका के पीछे हटने का संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत निक्की हेली ने भी बचाव किया है। ट्रंप के फैसले से सहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि समझौते से अलग होने के बावजूद अमेरिका जलवायु परिवर्तन की रफ्तार को थामने के लिए समर्पित है। वह इस काम के लिए प्रतिबद्ध है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह वर्ष 2015 में संपन्न पेरिस समझौते से हटने का एलान किया था। इसके तहत कार्बन डाइआक्साइड के उत्सर्जन को नियंत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारतीय मूल की निक्की हेली ने शनिवार को कहा कि सिर्फ करार से बाहर आने का यह मतलब कतई नहीं है कि अमेरिका को पर्यावरण की परवाह ही नहीं है। ट्रंप का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को पता है कि पर्यावरण में बदलाव आ रहा है।

हेली ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने इतने कष्टदायक और सख्त करार पर अपनी रजामंदी दी थी, जिसे हासिल ही नहीं किया जा सकता। हेली ने कहा, ‘एक गर्वनर के तौर पर मैं पहले से जानती थी कि पेरिस करार में निर्धारित किए गए लक्ष्यों को पाना संभव नहीं है।’अलग-थलग पड़ जाएगा अमेरिकाईरान ने पेरिस करार से अलग होने के ट्रंप के फैसले पर कड़ी टिप्पणी की है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता बहराम गसेमी ने कहा कि समझौते से पीछे हटने का फैसला वैश्विक समुदाय के प्रति अमेरिकी सरकार में जिम्मेदारी के अभाव को दिखाता है। इससे अमेरिका अलग-थलग होता जाएगा। ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे बड़े देश द्वारा पूर्व में किए गए वादे से पलटना अस्वीकार्य है।

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