सुमो का नया खुलासा- एक और अनजान व्यक्ति ने दी है राबड़ी देवी को जमीन

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पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नया खुलासा करते हुए कहा कि राबडी देवी को 31 लाख की जमीन दान देने वाला एक और व्यक्ति सामने आया है। रघुनाथ झा, कांति सिंह, प्रभुनाथ यादव, सुधा श्रीवास्तव, अब्दुल बारी सिद्धिकी, बादशाह आजाद द्वारा गिफ्ट या ओने-पौने दाम पर लालू परिवार को जमीन देने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी 2014 को एक अनजान व्यक्ति ललन चौधरी जो बड़हरिया सीवान के रहने वाले हैं, ने भी 30 लाख 80 हजार की अपनी पटना शहर की कीमती जमीन राबड़ी देवी को दान कर दिया। उन्होंने 16 धुर (1088 वर्ग फुट) में 500 वर्गफुट में बने मकान चाहरदिवारी सहित 30 लाख 80 हजार की सम्पत्ति दान कर दी। ललन चौधरी ने 30 मार्च, 2009 को मकान सहित इस जमीन को 3 लाख 97 हजार में खरीदा था जिसे मात्र 5 वर्ष में 10 गुणा कीमत की सम्पत्ति (30 लाख 90 हजार) राबडी देवी को गिफ्ट कर दिया। सुमो ने आगे कहा कि किसी सम्पत्ति की कीमत 5 वर्ष में 10 गुणा नहीं बढ़ सकती है। यानि 3 लाख 90 हजार की सम्पत्ति का मूल्य 5 साल में 30 लाख 90 हजार कैसे हो सकता है? ललन खैधरी ने दान देते समय डीड में “Donor लम्बे समय से Donee (राबडी देवी) से काफी नजदीक है तथा Donee (राबडी देवी) लम्बे समय से Donor को financially मदद एवं अन्य सेवा करती रही है और इसलिए Donor (ललन चैधरी) ने यह सम्पत्ति दान करने की इच्छा व्यक्त की। आखिर सिवान के बड़हरिया का रहने वाला ललन चौधरी कौन है जिसने 2009 में मकान सहित 3 लाख 97 हजार में पटना शहर में सम्पत्ति खरीदी। सुमो ने सवाल उठाया कि ललन चौधरी के पास 3 लाख 97 हजार कहाॅ से आया ? 3.97 लाख भुगतान कैसे किया गया? फिर मात्र 5 साल में 30 लाख 90 हजार की सम्पत्ति क्यों दान कर दिया? उन्हें इस दान से क्या फायदा हुआ? क्यों 30लाख का नुकसान सहेगराबड़ी देवी ने क्या financial मदद की जिसके एवज में श्री चौधरी ने 30 लाख की सम्पत्ति दे दिया? ललन चौधरी को सामने लाया जाए कि वास्तव में इस नाम के व्यक्ति जिसका राबडी देवी से कोई रिश्तेदारी नहीं है, उसने क्यों 30 लाख की जमीन दान कर दी? राबडी देवी ने अपना काला धन इस्तेमाल कर ललन चौधरी के नाम से बेनामी जमीन खरीदी तथा फिर 5 साल बाद दान के माध्यम से अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली।

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