पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट तो जिंदा जले लोग, हवा में उड़ गए शरीर के परखच्चे

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बालाघाट/भोपाल.एमपी के बालाघाट में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में 25 लोगों की मौत हो गई वहीं सात गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान फैक्ट्री में 47 मजदूर थे। प्रशासन ने शाम तक 21 मौतों की पुष्टि की है। करीब 20 लोग लापता हैं। हालांकि प्रशासन मान रहा है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।क्या है मामला…से 8 संचालित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके से 25 लोगों की मौत हो गई। सात गंभीर घायलों को नागपुर रेफर किया है।

-पुलिस के मुताबिक बालाघाट से 8 किमी दूर गांव खैरी में लाइसेंस लेकर झोपड़ीनुमा परिसर में संचालित फैक्ट्री में बुधवार दोपहर तीन बजे धमाका हुआ।
-यह इतना तेज था कि दो किमी दूर तक आवाज सुनाई दी।
-सूचना पर कलेक्टर भरत यादव और एसपी अमित सांघी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया।
-पुलिस के मुताबिक वैनगंगा नदी किनारे संचालित फैक्ट्री में 100 क्विंटल बारूद से पटाखा बनाने की अनुमति दी गई थी।
-इसके बावजूद फैक्ट्री संचालक ने बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बारूद का भंडारण कर रखा था। इससे पहले वर्ष 2015 में भी जिले के किरनापुर में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था।
-इसमें तीन श्रमिकों की मौत हो गई थी।
500 मीटर तक बिखरे पड़े थे शव, पहचान करने में आ रही मुश्किल
-ग्रामीणों ने बताया कि धमाके के बाद शव आसपास के 500 मीटर के क्षेत्र में बिखर गए।
-हालात इतने भयावह थे कि शवों की पहचान भी मुश्किल हो रही थी। फैक्ट्री में अधिकतर महिलाएं ही काम कर रही थीं। मौके के हालात देखकर ग्रामीण बदहवास से हो गए।
-दमकल वाहन और पुलिस बल के साथ ग्रामीणों ने मिलकर आग को काबू किया इसके बाद शवों को निकाला।
-शव के अंग भंग हो जाने से मृतकों की सही संख्या का पता देर रात तक नहीं चल सका है। वहीं प्रशासन फैक्ट्री में काम करने वालों के नाम पता करने में जुटा रहा।
फैक्ट्री में थे 47 मजदूर, इनमें ज्यादातर महिलाएं
-झोपड़ी में चलाई जा रही इस फैक्ट्री में हादसे के वक्त 47 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। हादसे से फैक्ट्री के परखच्चे उड़ गए।
-प्रशासन ने देर शाम तक 21 शव बरामद कर लिए थे।
-घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, बचाव कार्य जारी है, मृतकों की संख्या 25 से अधिक भी हो सकती है।

बिना अनुमति रखा था 100 क्विंटल से ज्यादा बारूद
-फैक्ट्री के संचालक को केवल 100 क्विंटल बारूद रखने और पटाखा बनाने की अनुमति थी। लेकिन बिना पुख्ता इंतजाम के संचालित हो रही यह फैक्ट्री इतने बड़े हादसे का कारण बन गई।
-इस घटना के बाद से फैक्ट्री का मालिक रज्जू वारिस फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
-प्रशासन ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा की है।
बचाव कार्य जारी, बढ़ सकती है मृतक संख्या
अब तक 21 शव मिल चुके हैं। अब भी बचाव और राहत का काम चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद नागपुर भेजा जा चुका है।

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