बंगाल पहुंचा मॉनसून बिहार के बॉर्डर पर आकर रुका, जानिए अब बिहार में कब प्रवेश करेगा?

0
776

पटना : माॅनसून बंगाल पहुंच चुका है और पिछले तीन दिनों से बिहार के बाॅर्डर के आसपास आकर रुक जा रहा है. क्योंकि पूर्णिया व किशनगंज के बीच से आने वाले माॅनसून को बिहार में प्रवेश कराने के लिए कोई ऐसा सिस्टम नहीं तैयार हो रहा है, जो माॅनसून को बिहार में खींच कर लाये.

बिहार में माॅनसून 15 जून तक प्रवेश करने की संभावना थी, लेकिन लोकल सिस्टम के कारण गुरुवार की सुबह पटना में 39.8 एमएम व भागलपुर में 21 एमएम हुई बारिश हुई. साथ ही कई अन्य जिलों में भी बारिश ट्रेस की गयी है. इस कारण माॅनसून प्रवेश नहीं कर पाया. फिर से सिस्टम बनने में दो से तीन दिन लगने की संभावना है, यानी माॅनसून बिहार में इस बार भी देर से 17 जून के बाद ही प्रवेश करेगा.
सुबह में बारिश, फिर खिल गयी धूप : सुबह में बारिश के कुछ देर बाद ही राजधानी में अन्य दिनों की तरह ही धूप खिल गयी. हालांकि, पटनावासियों को बारिश के कारण गरमी से थोड़ी राहत जरूर मिली. वहीं, दोपहर में लोगों को ऊमस भी महसूस हुई.

प्रदेश में माॅनसून प्रवेश करने में हो रही देरी के ये हैं अहम कारण

मौसम वैज्ञानिक रास बिहारी सिंह ने बताया कि बंगाल पहुंचा माॅनसून जब भी बिहार में इन करना चाह रहा है, तो बिहार में लोकल साइक्लोन डेवलप कर जा रहा है और बारिश हो जा रही है. इस कारण बंगाल की खाड़ी व बिहार के बीच एक हाइ प्रेशर का क्षेत्र डेवलप कर जा रहा है, जो बंगाल की हवाओं को बिहार नहीं आने दे रहा है. उन्होंने कहा कि लोकल सिस्टम से बारिश होने के बाद मौसम सामान्य होगा और दोबारा से गरमी जैसे ही बढ़ेगी माॅनसून बिहार में प्रवेश कर जायेगा, जिसमें अभी दो से तीन दिन लगने की संभावना है.

बिहार के विभिन्न जिलों में हुई बारिश से बदला मौसम का मिजाज

गुरुवार को कई जिलों में बारिश हुई है. पटना में 39.8 एमएम व भागलपुर में 21 एमएम बारिश हुई है. इसके अलावे कई अन्य जिलों में भी बारिश ट्रेस की गयी है. ऐसे में गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान गिर कर 34.5 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि गया का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री, भागलपुर का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री व पूर्णिया का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक अगले 24 घंटे में पटना सहित अन्य जिलों में भी हल्की बारिश की संभावना है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.