दार्जिलिंग हिंसा: एक नागरिक की मौत, ममता कहा- GJM के उग्रवादियों से संबंध

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गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) द्वारा बुलाया गया अनिश्चितकालीन बंद शनिवार को छठे दिन भी जारी है। इसके चलते उत्तरी पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बंद ने आज हिंसक रुख अख्तियार कर लिया तथा पुलिस और जीजेएम समर्थकों के बीच झड़प में एक नागरिक के मारे जाने की खबर है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बंद के पीछे साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने यहां तक कह डाला कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के संबंध पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूहों से हैं। सीएम ने बताया कि इलाके में शांति स्थापित करने के लिए पैनल का गठन किया गया है। ममता ने दार्जिलिंग में जीजेएम कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में आईआरबी के असिस्टेंट कमांडेंट टीएम तमांग की मौत की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि वह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उधर राज्य के एडीजी (कानून-व्यवस्था) ने बताया कि जीजेएम समर्थकों ने पुलिस पर फायरिंग की और पुलिस के वाहनों में आग लगा दी है। इसमें एक नागरिक की मौत हुई है। शनिवार को सिंगमारी इलाके में जीजेएम कार्यकर्ताओं ने दंगा रोधी पुलिस पर पेट्रोल बम और पत्थर फेंके। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए जिसकी वजह से प्रशासन को इलाके में सेना को तैनात करनी पड़ी। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सिंगमारी में जीजेएम मुख्यालय से प्रदर्शन रैली निकाली। इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस ने राष्ट्रध्वज और जीजेएम झंडे हाथ में लेकर चल रहे प्रदर्शनकारियों से लौटने के लिए कहा। नारे लगा रहे प्रदर्शनकारी वापस नहीं लौटे और उन्होंने पुलिस पर पत्थर और बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। एक वाहन में भी आग लगा दी गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने उन्हें वापस लौटने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पत्थर, बोतलें और पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर दिया। हमें लाठीचार्ज करना पड़ा।’ पुलिस ने बताया कि झड़प में कुछ पुलिसकर्मी और जीजेएम कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
उधर जीजेएम के सहायक महासचिव बिनय तमंग ने दावा किया कि पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार रात करीब 3 बजे उनके घर में भी उसी प्रकार छापेमारी और तोड़फोड़ की, जैसे 2 दिन पहले उन्होंने पार्टी प्रमुख बिमल गुरुंग के घर पर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात पुलिस के साथ-साथ टीएमसी समर्थकों ने उसके घर में तोड़फोड़ की और उनके परिवार के सदस्यों को धमकी दी। तमंग ने साथ ही दावा किया कि पुलिस ने जीजेएम के विधायक अमर राय के बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है। अमर राय का कहना है कि उनके बेटे का राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है। दार्जिलिंग के सिंगमारी क्षेत्र में पुलिस और जीजेएम समर्थकों में झड़प की खबरें हैं। तमंग ने एक बयान में कहा, ‘हम स्तब्ध हैं कि पिछली रात एक स्थानीय पत्रकार विक्रम राय को गिरफ्तार कर लिया गया। राय कोलकाता के कई मीडिया संस्थानों से जुड़े हैं। वह एक टीवी चैनल के लिए स्ट्रिंगर के रूप में भी काम कर चुके हैं। अगर दार्जिलिंग में स्थानीय पत्रकार तक सुरक्षित नहीं हैं तो कौन हो सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘दार्जिलिंग में आभासी आपातकाल लागू कर दिया गया है।’ वहीं, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता देवराज गुरुंग ने दावा किया कि जीजेएम समर्थकों ने लेबोंग कार्ट रोड स्थित उनके आवास पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके। जीजेएम समर्थकों ने कथित तौर पर पंखाबाड़ी में एक स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ता के आवास पर हमला किया और बिजोनबाड़ी में पीडब्ल्यूडी के कार्यालय में आग लगा दी। दार्जिलिंग में जारी हिंसा का पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ा है। भूटान सीमा को सील कर दिया गया है।

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