बुरहान की बरसी पर बोले पिता, नहीं चाहते खून-खराबा

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हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी की पहली बरसी पर पिता मुजफ्फर अहमद वानी ने कश्मीर घाटी में खून-खराबे की जगह शांति और एकता स्थापित करने की मांग की है। बुरहान के पिता ने एक विडियो मेसेज जारी कर लोगों से कहा है कि बेटे की बरसी पर वह किसी तरह की अप्रिय घटना या हिंसा नहीं चाहते। वह सिर्फ शांति और एकता चाहते हैं। हालांकि इसके पहले उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार ‘मुंबई मिरर’ से बाचतीत में यह जरूर कहा था कि न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी। गौरतलब है कि बुरहान वानी की पहली बरसी पर किसी तरह की हिंसा या प्रदर्शन से बचने के लिए घाटी के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। बुरहान के अपने शहर त्राल, अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम, बारामूला, सोपोर और कई अन्य जगहों पर कर्फ्यू लगाया गया है। प्रशासन ने घाटी में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है ताकि आतंकवादी और अलगाववादी किसी भी तरह से बुरहान की बरसी पर मुश्किल न पैदा कर सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठनों ने बुरहान की बरसी को शहादत दिवस के तौर पर मनाने की तैयारी की है। दूसरी तरफ हुर्रियत नेताओं और हिज्बुल के सुप्रीम कमांडर सैयद सलाउद्दीन ने एक हफ्ते के प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया है। हालांकि, राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने शनिवार को आश्वस्त किया कि किसी भी तरह की हिंसा से बचने के लिए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है। सिंह ने कहा, ‘सुरक्षा की पूरी तरह दुरुस्त है। घाटी में अभी तक स्थिति सामान्य है।’ इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को बुरहान वानी की पहली बरसी के मद्देनजर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की। बता दें कि हिज्बुल का पोस्टर बॉय बुरहान वानी पिछले साल 8 जुलाई को अनंतनाग में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गाया था। वानी की मौत के बाद घाटी में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, जिसकी वजह से लगातार 53 दिनों तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था। घाटी में 5 महीने तक अशांति बनी रही जिसमें 78 लोगों की जान गई।

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