कुलभूषण जाधव की दया याचिका पर अब पाकिस्तानी सेना प्रमुख करेंगे फैसला

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से जुड़े सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं और गुण-दोष के आधार पर उनकी याचिका को लेकर फैसला करेंगे. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण जाधव की दया याचिका खारिज की जा चुकी हैै. पाकिस्तान में जाधव को कथित रूप से जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है.

जाधव को पाकिस्तान द्वारा पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था, तथा पाक सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी करने तथा विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त होने का दोषी करार दिया था. भारत का कहना है कि भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हो चुके कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा किया गया था, जहां वह व्यापार कर रहे थे. शनिवार को पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ‘आईएसपीआर’ ने कहा है कि अब पाकिस्तानी सेना के प्रमुख कमर जावेद बाजवा, जाधव के खिलाफ साक्ष्यों का विश्लेषण करेंगे और गुण-दोष के आधार पर उनकी अपील पर फैसला करेंगे.

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाए जाने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने कहा था कि भारतीय नागरिक को तब तक फांसी नहीं दी जाएगी, जब तक उसकी सभी दया याचिकाओं पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती.

जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा के खिलाफ भारत ने आईसीजे का रुख किया था. बीते 18 मई को आईसीजे ने जाधव (46) की सजा की तामील पर रोक लगा दी थी.

पाकिस्तान ने जाधव को भारतीय वाणिज्यिक दूतावास पहुंच देने से लगातार इनकार किया है और अपने बेटे को देखने के लिए पाकिस्तान आने के वास्ते उनकी मां का वीजा आवेदन मंजूरी के लिए प्रशासन के समक्ष लंबित है. भारत का कहना है कि कुलभूषण जाधव तक राजनयिक पहुंच देने और उनकी मां के वीजा आवेदन पर पाकिस्तान के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

भारत ने यह बात ऐसे समय की जब पाकिस्तानी मीडिया में खबरें थीं कि इस्लामाबाद जाधव की मां को उनसे मिलने की अनुमति पर विचार कर रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा था कि मामला अब अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत के सामने मौजूद है और भारत अपनी दलीलें देने के लिए 13 सितंबर की समयावधि का पालन कर रहा है.

पाकिस्तान दावा करता है कि जाधव को पिछले साल 3 मार्च को निर्विवाद बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया गया था. पाकिस्तान के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा इसी साल अप्रैल में जाधव को मौत की सजा सुनाई गई थी. इसे लेकर भारत ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी और ‘सोच समझ कर की जाने वाली हत्या’ को अंजाम दिए जाने की स्थिति में द्विपक्षीय संबंधों में खटास और परिणाम भुगतने की चेतावनी पाकिस्तान को दी थी.

पाक ने जाधव पर आरोप लगाया था कि वह इंटेलिजेंस एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग या रॉ के लिए एक जासूस के तौर पर काम कर रहे थे. पाकिस्तान ने दावा किया कि वह “भारतीय नौसेना में एक सेवारत अधिकारी” थे.

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